चार साल बाद उठा बाढ़ राहत घोटाले का मुद्दा — पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह जाट ने की सख्त कार्रवाई की मांग, कहा “आपदा में अवसर तलाशने वालों को मिले कठोर दंड”

0 417

श्योपुर।

वर्ष 2021 में श्योपुर जिले में आई भीषण बाढ़ के बाद चलाए गए राहत एवं पुनर्वास कार्यों में कथित बाढ़ राहत घोटाले का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार यह मुद्दा तब उठा जब भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह जाट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि यह वही मामला है जो पूर्व जिलाध्यक्ष जाट के कार्यकाल के दौरान सामने आया था, जब राहत राशि वितरण में राजस्व अमले पर भारी अनियमितताओं के आरोप लगे थे। अब चार साल बाद जाट ने फिर से इस मुद्दे को उठाते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने की बात कही है।

सुरेन्द्र सिंह जाट ने अपने पत्र में लिखा है कि—

“वर्ष 2021 की बाढ़ के बाद सरकार द्वारा प्रभावितों को राहत राशि दी गई थी, लेकिन जांच में यह पाया गया कि करीब 121 वास्तविक बाढ़ पीड़ितों की राशि उनके खातों में न जाकर सरकारी कर्मचारियों के रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई। यह न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग है, बल्कि विपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ विश्वासघात भी है।”

उन्होंने कहा कि यह कृत्य “आपदा में अवसर तलाशने” का घिनौना उदाहरण है, जो शासन की पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठाता है।

🔹 जाट ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख मांगें कीं —

गलत भुगतान की वसूली: जिन खातों में गलत तरीके से राशि ट्रांसफर की गई है, उनकी त्वरित जांच कर सम्पूर्ण राशि की वसूली की जाए।

दोषियों पर सख्त कार्रवाई: इस घोटाले में शामिल सभी अधिकारियों व कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कठोर कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाए, जिसमें सेवा समाप्ति (Termination) तक की कार्यवाही शामिल हो।

पारदर्शिता का तंत्र: भविष्य में राहत राशि वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने हेतु आधार आधारित भुगतान प्रणाली और लाभार्थियों की सूची पब्लिक डोमेन में जारी करने जैसी व्यवस्था लागू की जाए।

सुरेन्द्र सिंह जाट ने कहा कि इस मामले में शामिल अधिकारी, कर्मचारी और उनके सहयोगियों ने “मानवीय मूल्यों को ठेस पहुंचाई है।”

उन्होंने कहा—

“आपदा के समय जिन्होंने अवसर तलाशे, ऐसे अमानवीय कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। मुख्यमंत्री से शीघ्र जांच के आदेश दिलवाए जाएंगे, और जिन खातों में गलत भुगतान हुआ है, उनके नाम सार्वजनिक कर राशि की वसूली कर वास्तविक पीड़ितों को उनका हक दिलाया जाएगा।”

पूर्व जिलाध्यक्ष ने बताया कि इस प्रकरण की प्रतिलिपि विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, जिला कलेक्टर श्योपुर और पुलिस अधीक्षक श्योपुर को भी प्रेषित की गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

अब देखना यह है कि पूर्व जिलाध्यक्ष की इस कड़ी प्रतिक्रिया से जिला प्रशासन में क्या हलचल मचती है, और क्या चार वर्ष पुराने इस बाढ़ राहत घोटाले में अब जाकर न्याय की उम्मीद जागेगी। गांधी दर्शन की रिपोर्ट

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment