बिजली विभाग के अधिकारी पर रिश्वत लेकर कार्रवाई का आरोप, शिकायतकर्ता को फर्जी जांच से दबाने की कोशिश

मीटर न होने का बहाना बनाकर 5 हजार रुपये की मांग, गांव में अवैध वसूली और मनमानी के आरोप
सीधी / जिले के बहरी वितरण केंद्र अंतर्गत ग्राम पटेहरा कोठार से बिजली विभाग के एक अधिकारी पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायत के अनुसार, पदस्थ अधिकारी विकास वर्मा द्वारा ग्रामीणों से पैसे लेकर बिजली चोरी के नाम पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि शिकायत करने पर संबंधित व्यक्ति को दबाने के लिए फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कई ऐसे उपभोक्ता हैं जिन पर 15 से 20 हजार रुपये तक का बकाया है, लेकिन उनसे पैसे लेकर कार्रवाई से बचाया जा रहा है। वहीं, शिकायतकर्ता राघवेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि उनके ऊपर कोई बकाया नहीं है, फिर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है।

आरोप है कि शिकायत वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और मीटर नहीं होने का कारण बताकर 5 हजार रुपये की मांग की गई। पैसे देने से इंकार करने पर उनके घर का वीडियो और फोटो लेकर फर्जी तरीके से जांच रिपोर्ट तैयार कर दी गई, जिसमें घर में वास्तविकता से अधिक विद्युत उपकरण दिखाए गए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने कई बार 1912 हेल्पलाइन पर भी आवेदन किया, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, जांच रिपोर्ट में तीन कमरों के मकान में 4 कूलर, 10 बल्ब सहित कई उपकरण दर्शाकर अधिक भार दिखाया गया है, जिसे शिकायतकर्ता ने गलत बताया है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच उच्च अधिकारियों से कराने की मांग की है, ताकि विभागीय भ्रष्टाचार पर रोक लग सके और गरीब उपभोक्ताओं का शोषण बंद हो। मामला सामने आने के बाद अब देखना होगा कि विभागीय अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या शिकायतकर्ता को न्याय मिल पाता है या नहीं।