जन चौपाल में एसपी की संवेदनशील पहल: दो कुपोषित बच्चों को लिया गोद, जागरूकता के साथ जनसंवाद

रुद्रा भदौरा के करौदी गांव में आयोजित कार्यक्रम, 250 ग्रामीणों की मौजूदगी में कानून, साइबर सुरक्षा और नशामुक्ति पर दी गई जानकारी
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सीधी। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा से सटे सुदूर अंचल ग्राम रुद्रा भदौरा के करौदी गांव स्थित आंगनबाड़ी परिसर में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सीधी श्री संतोष कोरी (भा.पु.से.) ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया।
बैगा समाज के बाहुल्य क्षेत्र में आयोजित इस जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधित 2016), साइबर अपराधों से बचाव, नशामुक्ति के महत्व और महिला संबंधी अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी माया गोस्वामी ने बाल आशीर्वाद योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जबकि थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी ने महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराध, साइबर सुरक्षा और गुड टच-बैड टच के बारे में सरल भाषा में समझाया।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम में दो बच्चों के कुपोषित होने की जानकारी मिलने पर एसपी संतोष कोरी ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्मला बैगा (2 वर्ष 8 माह) और आकाश बैगा (2 वर्ष 3 माह) को पूर्ण पोषण तक गोद लेने की घोषणा की। इस पहल से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति विश्वास और सकारात्मक संदेश मजबूत हुआ।
इसके अलावा जन चौपाल में एससी/एसटी वर्ग के लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण की जानकारी दी गई। साथ ही पेसा (PESA) अधिनियम 1996 के प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया, जो अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कानून है।
साइबर जागरूकता के तहत ग्रामीणों को अनजान कॉल, लिंक और लुभावने ऑफर से सतर्क रहने तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी, थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी, माया गोस्वामी, पर्यवेक्षक मान कुमारी, थाना स्टाफ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित करीब 250 ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों को फल, मिठाई और चॉकलेट का वितरण भी किया गया।