जनता की जेब पर वार या व्यवस्था की मजबूरी? बिजली दर बढ़ोतरी पर प्रदेश में सियासी संग्राम” कमलेश्वर पटेल का तीखा वार

प्राइड इंडिया न्यूज़ सीधी, रिपोर्ट : शाहिद खान
प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा दरों में 10.19 प्रतिशत तक वृद्धि के प्रस्ताव ने राजनीतिक वातावरण को उद्वेलित कर दिया है। बढ़ती महँगाई, सीमित आय और रोजगार-संकट से जूझ रही जनता के बीच इस प्रस्ताव ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य Kamleshwar Patel ने सत्ता पक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में विद्युत दरों में वृद्धि सामान्य जनजीवन पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालेगी। उन्होंने प्रश्न उठाया कि यदि उत्पादन लागत में कमी के संकेत हैं, तो उपभोक्ताओं पर यह संभावित भार किस औचित्य के आधार पर डाला जा रहा है।
यह वक्तव्य इंडियन नेशनल कांग्रेस से संबद्ध ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा 27 फरवरी को सिहावल स्थित एसडीएम कार्यालय के समक्ष प्रस्तावित जनप्रदर्शन से पूर्व आया है। कांग्रेस का कहना है कि यह आयोजन केवल विद्युत दर वृद्धि तक सीमित नहीं रहेगा, अपितु किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, महँगाई, बेरोजगारी, स्थानीय प्रशासनिक अव्यवस्थाओं तथा जनसुविधाओं से जुड़े अन्य प्रश्नों को भी समाहित करेगा। पार्टी का तर्क है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसमस्याओं को शांतिपूर्ण एवं संगठित ढंग से प्रस्तुत करना नागरिक अधिकार का अंग है।
दूसरी ओर सत्ता पक्ष का कहना है कि विद्युत दरों का अंतिम निर्णय नियामक आयोग की विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत होगा, जिसमें सार्वजनिक आपत्तियाँ एवं सुझाव भी आमंत्रित किए जाते हैं। सरकार का पक्ष है कि वितरण हानि, अधोसंरचना व्यय, लंबित दायित्व तथा वित्तीय संतुलन जैसे कारकों को दृष्टिगत रखते हुए दर प्रस्ताव तैयार किए जाते हैं। अंतिम निर्णय अभी शेष है, किंतु यह विषय निकट भविष्य में प्रदेश की राजनीति के केंद्र में बना रहेगा।
प्राइड कदम हिंदी समाचार एवं प्राइड इंडिया न्यूज़ सीधी ( मध्य प्रदेश)