सचिव पर गंभीर आरोप: सारसताल पंचायत कटघरे में पंचों ने खोला पंचायत भ्रष्टाचार के विरुद्ध मोर्चा, जिला पंचायत तक पहुंची शिकायत

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट
डिंडोरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सारसताल में कथित भ्रष्टाचार को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पंचायत के पंच, उपसरपंच एवं ग्रामीण जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और सरपंच-सचिव पर 15वें एवं 5वें वित्त आयोग की राशि में बड़े पैमाने पर अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत में बिना प्रस्ताव पारित कराए विकास कार्यों की राशि निकाल ली गई। बताया गया कि सरपंच-सचिव और दो पंचों के लिए चार टच मोबाइल फोन खरीदे गए, जबकि यह राशि पंचायत के विकास कार्यों पर खर्च होनी थी।
इतना ही नहीं, शौचालय मरम्मत के नाम पर फर्जी भुगतान किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मौके पर कहीं भी शौचालय मरम्मत का कार्य नहीं हुआ, फिर भी राशि निकाल ली गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम रानीबुढार में सामुदायिक नाडेप निर्माण के नाम पर सिर्फ एक नाडेप बनाया गया, जबकि 84 हजार रुपये का फर्जी बिल लगाकर पूरी राशि निकाल ली गई। पंचों का कहना है कि उन्हें इन कार्यों की कोई जानकारी नहीं दी गई, जबकि बिना पंचायत प्रस्ताव के भुगतान संभव नहीं है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि गंगाराम सप्लायर के नाम से कई लाख रुपये के बिल लगाकर अलग-अलग कार्य दर्शाते हुए बिना किसी कार्य के फर्जी भुगतान किया गया। वहीं फर्नीचर खरीदी में 2.50 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया गया, जबकि मौके पर केवल करीब 25 हजार रुपये का फर्नीचर ही मौजूद पाया गया।
पंचों का आरोप है कि जब से मिलन धुर्वे को पंचायत सचिव का प्रभार मिला है, तब से ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है।
शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की लिखित शिकायत एसडीएम से लेकर जिला पंचायत तक की है और निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब और क्या कदम उठाता है, या फिर पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप फाइलों में ही दबकर रह जाएंगे।