यूपी बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन व सकुशल संपन्न करने के लिए परीक्षण प्रदान किया गया।

मुबारक अली संवाददाता
शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू हो रही हैं। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने परीक्षा केंद्रों पर साफ-सफाई, विद्युत और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल तैनात किया जाएगा। परीक्षार्थियों को नकल से बचाने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में
अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को स्वच्छ वातावरण में नकलविहीन, शुचितापूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न कराए जाने के उद्देश्य से जोनल, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केंद्र व्यवस्थापकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने कहां की
प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त रूपभी से समस्त अधिकारियों को परीक्षा की शुचिता एवं गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
अवगत कराया गया कि जनपद के कुल 126 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल के 42,785 तथा इंटरमीडिएट के 36,724 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। प्रथम पाली प्रातः 8:30 बजे से 11:45 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 2:00 बजे से 5:15 बजे तक आयोजित होगी। जनपद को कुल 5 जोन एवं 21 सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक केंद्र व्यवस्थापक, एक वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जो परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक कहां की प्रश्नपत्रों की प्राप्ति के समय केंद्र व्यवस्थापक अथवा अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
प्रश्नपत्रों को उनके समक्ष स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा, जिसमें चार डबल लॉक अलमारियां होंगी। अलमारियों से संबंधित चाबियों के रख-रखाव की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि परीक्षा के दिन प्रश्नपत्रों के पैकेट खोलते समय किन-किन महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखा जाना आवश्यक है, ताकि परीक्षा पूरी तरह शुचितापूर्ण एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
परीक्षार्थियों के लिए मिश्रित बैठक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी कक्ष निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक अथवा स्टैटिक मजिस्ट्रेट का पाल्य उसी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहा हो, तो उसकी नियुक्ति उस केंद्र पर किसी भी परिस्थिति में नहीं की जाएगी।
परीक्षा अवधि में परीक्षा केंद्र पर अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। दोषी पाए जाने पर दो लाख रुपये जुर्माना एवं पांच वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है तथा दूसरी बार गलती करते हुए पकड़े जाने पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने अवगत कराया गया कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की कमी नहीं होने दी जाएगी तथा किसी भी अपरिहार्य परिस्थिति के लिए उन्होंने अपना सीयूजी नंबर समस्त अधिकारियों को साझा किया।
प्रशिक्षण में में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं जोनल मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।
अंत में जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक नगर देवेंद्र कुमार, राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक एवं जिला विद्यालय निरीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।