पांढुर्णा जिले में सुशासन और जल संरक्षण की गूँज; कलेक्टर ने गंभीर मरीजों के लिए जारी की आर्थिक सहायता

संवाददाता- निलेश कलस्कर जिला ब्युरो चिफ जिला पांढुरना
पांढुर्णा/सौसर। जिले में आज सुशासन दिवस के अवसर पर प्रशासनिक सक्रियता और जनसेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। कलेक्ट्रेट सहित सभी शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुशासन की शपथ ली। इसी क्रम में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने मानवीय पहल करते हुए स्वेच्छानुदान मद से चार गंभीर मरीजों के उपचार हेतु 1.15 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे संबंधित अस्पतालों के खातों में जारी की।
पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रयास:
प्रकृति संरक्षण की दिशा में अंबाडा के भाजीपानी वन क्षेत्र में ‘अनुभूति कैंप’ का आयोजन किया गया, जहाँ 110 विद्यार्थियों ने “हम हैं धरती के दूत” की थीम पर वनों को बचाने की शपथ ली। वहीं सौसर की वाग्या नदी पर जन अभियान परिषद द्वारा बोरी बंधान कर जल संचय का संदेश दिया गया।
सख्त प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था:
नारकोटिक्स नियंत्रण: जिला स्तरीय NCORD की बैठक में स्कूलों में नशामुक्ति नोडल अधिकारी नियुक्त करने और अवैध नशीली दवाओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
संबल योजना में कार्रवाई: सौसर में 17 एकड़ भूमि वाले अपात्र व्यक्ति का गलत पंजीयन करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल गवर्नेंस: एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पारदर्शिता लाने हेतु MedLEaPR प्लेटफॉर्म को शत-प्रतिशत ऑनलाइन अपनाने पर जोर दिया गया।
न्यायिक सक्रियता: जिले के 09 सनसनीखेज प्रकरणों की समीक्षा कर गवाहों की सुरक्षा और आरोपियों को शीघ्र सजा दिलाने हेतु नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
इस बहुआयामी प्रयासों के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और सुरक्षा के मोर्चे पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।