कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट,
डिंडौरी : आज 21 जून 2025 को कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई।
जिले में मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उदृदेश्य से स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत स्वास्थ्य सूचकांक की समीक्षा की गई।
जिसमें मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, राष्ट्रीय टी.बी. उन्मुलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया कार्यक्रम, असंचारी रोग कार्यक्रम, हेल्थ एण्ड वेलनेस कार्यक्रम, क्वालिटी एन्सोरेंष कार्यक्रम, पीपीपी प्रोजेक्ट कार्यक्रम के अंतर्गत समीक्षा की गई। जिसमें कलेक्टर श्रीमती मारव्या द्वारा एएनसी पंजीयन शतप्रतिशत करने के निर्देश दिए।
एएनसी पंजीयन, एएनसी जांच, टीकाकरण कार्यक्रम में प्रगति परिलक्षित होने पर एवं अनुपस्थित होने पर डॉ. गोपाल मरावी मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी करंजिया को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने हेतु निर्देशित किया।
साथ ही समस्त मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर एएनसी पंजीयन, हाई रिक्स महिलाओं का चिन्हाकंन एवं उनका प्रबंधन शतप्रतिशत करने के लिए निर्देशित किया। आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम को सतत् घर भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली खिलाये जाने हेतु निर्देश दिए।
टी.बी. मुक्त भारत कार्यक्रम अंतर्गत जिला डिण्डौरी को टी.बी. मुक्त किये जाने हेतु स्क्रीनिंग/जांच/उपचार करने हेतु समस्त फील्ड कर्मर्चारियों को निर्देषित किया गया। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश मरावी, डॉ. अजय राज, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, डॉ. ममता दीवान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. राजकुमार डोंगरे, जिला टीकाकरण अधिकारी, डॉ. जयश्री मरावी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वितीय, डॉ. मनोज उरैती, जिला क्षय अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला एम एण्ड ई अधिकारी, जिला समन्वयक आरबीएसके, एवं समस्त मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, बीसीएम, बीईई सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिले में बारिश के मौसम आने के कारण सर्प काटने की घटनाएं एवं संक्रमक रोगों की रोकथाम हेतु आवश्यक महत्वपूर्ण दवाईयां सभी उपस्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध रहें। जिसमें सांप काटने की इलाज की दवा उपलब्धता बनाए रखें। जिससे आम जनता को दवाएं सरलता के साथ उपलब्ध हो सके।