76 लाख का खेल: मजदूर को बनाया ‘नामधारी’ संचालक, बेच दी संपत्ति

सीधी के मजदूर ने भोपाल की रियल एस्टेट कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग
भोपाल/सीधी/ मध्यप्रदेश
राजधानी भोपाल की एक निजी रियल एस्टेट कंपनी पर अपने ही कर्मचारी को कागजों में संचालक बनाकर उसकी संपत्ति बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला करीब 76 लाख रुपये के कथित वित्तीय खेल से जुड़ा बताया जा रहा है।
जिला सीधी के ग्राम बड़खड़ा (थाना चुरहट) निवासी रमापति पाण्डेय ने शासन, सहकारिता विभाग और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
मजदूर को कागजों में बना दिया संचालक
पीड़ित रमापति पाण्डेय के अनुसार वह वर्ष 2003 से भोपाल स्थित सुरभि लाइफ स्पेस प्राइवेट लिमिटेड में भृत्य (मजदूर) के रूप में कार्यरत था। आरोप है कि वर्ष 2014 में ‘आदित्य गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित’ का गठन किया गया और बिना जानकारी के कागजी कार्रवाई में उसे संस्था का संचालक दर्शा दिया गया।
कोरे चेकों पर कराए हस्ताक्षर
शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने उसके नाम से बैंक खाते खुलवाकर कोरे चेकों पर हस्ताक्षर करवा लिए। वित्तीय लेन-देन की जानकारी उससे छिपाकर बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियां संचालित की गईं।
54 लाख का मकान और 22 लाख का फ्लैट बेचने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि बरखेड़ा पठानी स्थित प्लॉट क्रमांक-13 पर बने मकान को लगभग 54 लाख रुपये में बेच दिया गया, जबकि उसे इस राशि का कोई भुगतान नहीं किया गया।
इसके अलावा उसकी पत्नी के नाम आवंटित सुरभि निकुंज स्थित फ्लैट क्रमांक 301-A को भी करीब 22 लाख रुपये में बेचने का आरोप लगाया गया है।
तीन साल का वेतन और ईपीएफ भी बकाया
रमापति पाण्डेय का कहना है कि कंपनी ने नवंबर 2017 से नवंबर 2020 तक का वेतन नहीं दिया, साथ ही ईपीएफ की राशि भी जमा नहीं कराई। विरोध करने पर कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
मुख्यमंत्री और EOW से लगाई गुहार
पीड़ित ने मुख्यमंत्री, सहकारिता विभाग और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक संबंधित कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
📌 फैक्ट बॉक्स: एक नजर में पूरा मामला
पीड़ित: रमापति पाण्डेय, ग्राम बड़खड़ा, थाना चुरहट, जिला सीधी
कंपनी: सुरभि लाइफ स्पेस प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल
आरोप: कर्मचारी को कागजों में संचालक बनाकर संपत्ति विक्रय
मकान बिक्री: लगभग ₹54 लाख
फ्लैट बिक्री: लगभग ₹22 लाख
वेतन बकाया: नवंबर 2017 से नवंबर 2020
मांग: उच्चस्तरीय जांच, आपराधिक प्रकरण दर्ज, सुरक्षा
🗣️ क्या कहते हैं पीड़ित
“मैं एक साधारण मजदूर हूं। मुझे बिना जानकारी दिए कागजों में संचालक बना दिया गया। कोरे चेकों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए और मेरे नाम से करोड़ों का लेन-देन दिखाया गया। मेरे परिवार के साथ अन्याय हुआ है। मुझे न्याय और सुरक्षा चाहिए।”
— रमापति पाण्डेय