आयुर्वेद से जनस्वास्थ्य और राष्ट्रस्वास्थ्य का संकल्प

मुबारक अली संवाददाता
शाहजहांपुर। आयुर्वेद दिवस की इस वर्ष की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर स्थित इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष एवं इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी शाहजहांपुर के सचिव डॉ. विजय जौहरी ने आयुर्वेद को स्वस्थ व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
डॉ. जौहरी ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा के साथ स्वस्थ जीवनशैली और जनस्वास्थ्य की भारतीय सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने आयुर्वेद के त्रिदोष—वात, पित्त और कफ, पंचमहाभूत, सप्तधातु और अष्टांग की अवधारणाओं का उल्लेख करते हुए इनके माध्यम से संतुलित जीवनशैली का संदेश दिया।
उन्होंने तिरंगे को राष्ट्रभावना और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि जिस प्रकार आयुर्वेद में संतुलन को स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना गया है, उसी प्रकार समाज के विभिन्न वर्गों और समुदायों में समन्वय एवं संतुलन राष्ट्र की शक्ति को मजबूत करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तिरंगे और आयुर्वेद के बीच की गई यह तुलना प्रतीकात्मक है और इसका उद्देश्य सकारात्मक संदेश देना है।
डॉ. जौहरी ने कहा कि आहार, दिनचर्या, योग, व्यायाम, स्वच्छता और प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाकर प्रत्येक नागरिक स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दे सकता है। आयुर्वेद चिकित्सकों का दायित्व है कि प्रमाणित एवं उपयोगी स्वास्थ्य अवधारणाओं को जन-जन तक पहुंचाएं।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने मार्च 2025 में राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से 23 सितंबर को प्रत्येक वर्ष आयुर्वेद दिवस मनाने की निश्चित तिथि घोषित की है। इससे पहले आयुर्वेद दिवस धनतेरस यानी भगवान धन्वंतरि जयंती के अवसर पर मनाया जाता था।
कार्यक्रम में डॉ. एसपी कौशल, डॉ. हितेश गुप्ता, डॉ. रवि सक्सेना, जिला चिकित्सालय के आयुष विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुशवाहा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान योग एवं आयुर्वेद पर आधारित पत्रिका डॉ. विजय जौहरी को भेंट की गई। ओम दिव्यांग कल्याण समिति के बालकृष्ण पांडेय, बृजेश गुप्ता, रवि वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 23 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाते हुए संतुलित जीवनशैली, आहार-विहार, योग और जनस्वास्थ्य में आयुर्वेद की भूमिका के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।