हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी वित्तीय अधिकारों पर रोक नहीं, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

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कंचनपुर पंचायत में सरपंच-सचिव की DSC बंद नहीं होने का आरोप, 5.65 लाख की रिकवरी और निर्माण कार्यों को लेकर भी शिकायत

 

(जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव )

 

डिण्डौरी। ग्राम पंचायत कंचनपुर, जनपद पंचायत शहपुरा में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की गई शिकायत के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के 10 अगस्त 2026 के आदेश के बावजूद करीब 45 दिन बीतने के बाद भी संबंधित सरपंच और सचिव के वित्तीय अधिकारों पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार न्यायालयीन आदेशों की प्रतियां जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत के अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, इसके बावजूद सरपंच-सचिव की वित्तीय पावर से संबंधित DSC बंद नहीं की गई।

 

5.65 लाख रुपये की रिकवरी का भी हवाला

 

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सरपंच और सचिव के विरुद्ध पूर्व में करीब 5.65 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश पारित किया गया था। इसके बाद न्यायालय से स्थगन प्राप्त किए जाने की बात भी सामने आई है। शिकायतकर्ता ने 10 अगस्त एवं 20 अगस्त 2026 के न्यायालयीन आदेशों का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि आदेशों के बाद भी पंचायत की वित्तीय गतिविधियों को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

 

सीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

 

ग्राम पंचायत कंचनपुर में सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण को लेकर भी शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है। शिकायत में सड़क निर्माण में बेस, गिट्टी की मोटाई और वाइब्रेटर के उपयोग सहित गुणवत्ता संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने निर्माण कार्य के नाम पर शासकीय राशि के भुगतान के प्रयास की आशंका भी जताई है।

 

तालाब और श्मशान घाट को लेकर भी शिकायत

 

ग्राम पंचायत के पीछे स्थित तालाब एवं श्मशान घाट को लेकर भी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार तालाब में पानी भरने के कारण श्मशान घाट प्रभावित हुआ। आरोप है कि पूर्व में शासकीय राशि खर्च किए जाने के बाद जेसीबी मशीन से तालाब की खुदाई कर पानी निकालने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक मामले का पर्याप्त भौतिक निरीक्षण नहीं किया गया है।

 

निष्पक्ष जांच और भुगतान रोकने की मांग

 

शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, पंचायत के भुगतान एवं निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने तथा न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन की जांच की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक शासकीय राशि के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

 

फिलहाल मामला जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत की कार्रवाई पर निर्भर है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि न्यायालयीन आदेशों के बाद पंचायत के वित्तीय अधिकारों को लेकर वास्तविक स्थिति क्या रही तथा निर्माण एवं भुगतान संबंधी शिकायतों में कितनी सच्चाई है।

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