अतिरिक्त काम के खिलाफ ग्राम रोजगार सहायकों का मोर्चा

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जिला पंचायत और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, बिना विभागीय अनुमति कार्य नहीं कराने और अतिरिक्त मानदेय की मांग

सीधी। प्रदेश संगठन के आह्वान पर ग्राम रोजगार सहायक संघ, मनरेगा ग्राम रोजगार सहायक महासंघ एवं पंचायत सहायक सचिव कर्मचारी संघ के संयुक्त मोर्चा ने बुधवार को जिला पंचायत एवं कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने ग्राम रोजगार सहायकों से विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G) योजना के अतिरिक्त अन्य विभागों एवं योजनाओं के कार्य कराए जाने पर आपत्ति जताते हुए शासन-प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन में मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 19 अक्टूबर 2020 के पत्र क्रमांक 3206, मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के 24 जून 2025 के पत्र क्रमांक 1122 तथा ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका 2025 का हवाला देते हुए अपनी मांगें रखीं।

बिना अनुमति अतिरिक्त कार्य कराने का विरोध

संघ का कहना है कि पूर्व निर्देशों के अनुसार ग्राम रोजगार सहायकों को अन्य विभागों एवं योजनाओं के कार्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राज्य स्तरीय सहमति के बिना संलग्न नहीं किया जाना चाहिए। यदि उनसे स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन 2026 सहित अन्य योजनाओं का कार्य लिया जाता है तो संबंधित विभाग द्वारा राज्य स्तरीय वरिष्ठ कार्यालय से लिखित अनुमति एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त किए जाएं।

अतिरिक्त काम तो अतिरिक्त मानदेय भी मिले

ज्ञापन में मांग की गई कि यदि ग्राम रोजगार सहायकों से मनरेगा अथवा विकसित भारत-जी राम जी योजना के अतिरिक्त किसी अन्य शासकीय योजना या कार्यक्रम का कार्य लिया जाता है तो उसके लिए अतिरिक्त मानदेय अथवा पारिश्रमिक की दर पहले से निर्धारित की जाए और उसका समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

‘काम हमारा, श्रेय और पारिश्रमिक किसी और को’

संयुक्त मोर्चा ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर धरातल का कार्य ग्राम रोजगार सहायकों द्वारा कराया जाता है, जबकि उसका श्रेय किसी अन्य विभाग या कर्मचारी के नाम दर्ज हो जाता है। संघ का कहना है कि कुछ मामलों में कार्य के बदले मिलने वाला मानदेय, पारिश्रमिक या प्रोत्साहन राशि भी अन्य विभाग अथवा कर्मचारी को मिल जाती है। इससे काम करने वाले ग्राम रोजगार सहायकों को उनके कार्य का उचित श्रेय और अतिरिक्त पारिश्रमिक नहीं मिल पाता।

दो प्रमुख मांगों पर जोर

संयुक्त मोर्चा ने मांग की कि राज्य स्तरीय वरिष्ठ विभाग की सहमति के बिना ग्राम रोजगार सहायकों को अन्य विभागीय योजनाओं के कार्य में संलग्न नहीं किया जाए। साथ ही जनहित में अतिरिक्त कार्य लिया जाता है तो उसके बदले अतिरिक्त मानदेय/पारिश्रमिक का स्पष्ट प्रावधान कर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

मोर्चा ने शासन द्वारा कर्मचारी संगठनों के पत्रों का नियमानुसार जवाब दिए जाने की व्यवस्था का भी उल्लेख करते हुए मांगों पर शीघ्र स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। संगठन ने मांगों का निराकरण नहीं होने की स्थिति में भोपाल में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।

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