सीधी जिले में पटवारियों की हड़ताल से राजस्व व्यवस्था ठप! 415 गांवों के किसान परेशान, 280 पटवारियों ने किया सामूहिक बहिष्कार

सीधी। मध्यप्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर सीधी जिले में भी व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। जिले के लगभग 280 पटवारियों के सामूहिक कार्य बहिष्कार के चलते राजस्व विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण कामकाज प्रभावित हुए हैं।
पटवारियों के कार्य बहिष्कार से 415 गांवों के किसान और आम नागरिक परेशान हैं। जमीनों के बंटवारे, सीमांकन, नामांतरण, फसल एवं भूमि संबंधी प्रमाण-पत्र सहित कई राजस्व कार्य प्रभावित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विधायका भवन में जुटे पटवारी, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे जिलेभर के पटवारी जिला मुख्यालय स्थित विधायका भवन में एकत्रित हुए। पटवारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग दोहराई। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
पटवारियों की 5 प्रमुख मांगें
1. समयमान वेतनमान एवं पदोन्नति लागू की जाए।
2. विभागीय परीक्षा आयोजित कर पदोन्नति का रास्ता आसान किया जाए।
3. पटवारियों को न्यायिक संरक्षण प्रदान किया जाए।
4. सभी लंबित वित्तीय भुगतानों का तत्काल भुगतान हो।
5. नियम विरुद्ध किए जा रहे तबादलों पर रोक लगाई जाए।
किसानों पर बढ़ा संकट
हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने से किसानों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
सीधी में पटवारियों की हड़ताल ने राजस्व व्यवस्था की रफ्तार रोक दी है, वहीं 415 गांवों के किसान अब शासन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।