सीधी जिले में बारिश से पुल के नीचे की मिट्टी बही, 9 गांवों की आवाजाही पर खतरा
कंचनपुर-उमरिया मार्ग पर पुल की नींव कमजोर होने से ग्रामीणों में दहशत, तत्काल मरम्मत की मांग

सीधी। जिले के मझौली क्षेत्र में कंचनपुर-उमरिया मार्ग पर स्थित वन विभाग का पुल लगातार बारिश के बाद जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। पुल के नीचे की मिट्टी तेज बारिश और पानी के बहाव के कारण कटकर बह गई है, जिससे पुल की नींव कमजोर होने की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने पुल के कभी भी क्षतिग्रस्त होकर बड़ा हादसा होने की आशंका जताते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की है।
बारिश के कारण पुल के नीचे की मिट्टी कटी
स्थानीय लोगों के अनुसार लगातार बारिश के कारण पुल के नीचे की पूरी मिट्टी कटकर बह गई है। इसके चलते पुल के दोनों ओर का हिस्सा कमजोर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान पुल पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
9 गांवों की आवाजाही प्रभावित होने का खतरा
यह पुल खरबर, डेबा, देवमठ, कछमेढ़, कंचनपुर, उमरिया सहित करीब 9 गांवों के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण मझौली सहित जिला मुख्यालय सीधी तक आवागमन करते हैं। पुल की मौजूदा स्थिति के कारण हजारों ग्रामीणों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है।
ग्राम पंचायत डेबा निवासी महावीर यादव ने बताया कि ग्रामीण मजबूरी में इसी पुल से आवागमन कर रहे हैं, लेकिन हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से पुल की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
करीब पांच वर्ष पहले हुआ था पुल का निर्माण
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग द्वारा करीब पांच वर्ष पहले इस पुल का निर्माण कराया गया था। निर्माण के दौरान पुल के दोनों ओर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने का आरोप भी ग्रामीणों ने लगाया है। लगातार बारिश के चलते अब पुल के नीचे का हिस्सा पूरी तरह कटकर खोखला हो गया है।
ग्रामीणों ने DFO से की शिकायत
पुल की जर्जर स्थिति को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने वन विभाग के DFO से शिकायत कर तत्काल मरम्मत कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
वन विभाग ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसा
संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के DFO राजेश कनौरा टी. ने बताया कि तेज बारिश के कारण पानी के बहाव से पुल के नीचे की मिट्टी कट गई है। वन विभाग मामले को गंभीरता से ले रहा है। पुल की सुरक्षा और आवश्यक मरम्मत की कार्रवाई जल्द कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
ग्रामीणों की मांग—जल्द हो मरम्मत
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि पुल की स्थिति का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराकर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा कार्य एवं पुल की आवश्यक मरम्मत कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों के आवागमन का प्रमुख साधन है, इसलिए किसी हादसे का इंतजार किए बिना कार्रवाई जरूरी है।