मैहर जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर मानवाधिकार संगठन सख्त, कलेक्टर से जांच की मांग

मैहर/अमरपाटन/रामनगर। मानवाधिकार संरक्षण संगठन मध्यप्रदेश के जिला मैहर अध्यक्ष आशुतोष दहायत ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मैहर, अमरपाटन और रामनगर ब्लॉक से जुड़े कई गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
जिलाध्यक्ष के अनुसार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से लेकर स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, डॉक्टर, नर्स और सीएमएचओ कार्यालय से जुड़े अधिकारी कई स्थानों पर समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। कुछ मामलों में कर्मचारियों द्वारा लंबी छुट्टी लेकर अनुपस्थित रहने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
आशुतोष दहायत ने कहा कि स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों में इस प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला कलेक्टर मैहर से मांग की है कि मैहर, अमरपाटन और रामनगर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों की जांच कराई जाए। जो कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांवों में वितरण के लिए आने वाली दवाइयों के सही वितरण पर भी प्रश्नचिन्ह है। दवाओं के बाहर बेचे जाने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
मानवाधिकार संरक्षण संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को समय पर उपचार और दवाइयां उपलब्ध हो सकें। संगठन का मानना है कि यदि प्रशासन इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करता है, तो स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के साथ जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।