सिंगरौली में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में छलका दर्द

ADG और DIG का भी किया जिक्र, समस्याओं के समाधान नहीं होने का लगाया आरोप
सीधी/सिंगरौली/खरगौन। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में पदस्थ प्रधान आरक्षक राकेश गांगले ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में लंबे समय से परेशान रहने और अपनी समस्याओं के समाधान नहीं होने का उल्लेख किया गया है।
बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में प्रधान आरक्षक ने लिखा कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार आवेदन दिए, लेकिन उनका समाधान नहीं हुआ। पत्र में उन्होंने कथित तौर पर लिखा— “जीने का मन नहीं कर रहा, मैं बहुत परेशान हूं।”
सुसाइड नोट में ADG और DIG का जिक्र
सुसाइड नोट में पुलिस मुख्यालय स्तर के ADG और DIG का भी जिक्र होने की बात सामने आई है। मृतक ने कथित रूप से भोपाल स्तर तक अपनी समस्याएं पहुंचाने के बावजूद समाधान नहीं होने की बात लिखी है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी किया उल्लेख
सुसाइड नोट में प्रधान आरक्षक ने अपने पारिवारिक हालात का भी जिक्र किया है। पिता की स्थिति, बेटियों की शादी और अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर तनाव में होने की बात सामने आई है। सिंगरौली में पदस्थ होने और घर से दूरी को भी उनकी परेशानी से जोड़कर देखा जा रहा है।
पत्रकारों और मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने की अपील
बताया गया है कि प्रधान आरक्षक ने अपने पत्र में पत्रकारों से उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की अपील भी की थी। साथ ही उन्होंने अपने इस कदम के लिए स्टाफ को जिम्मेदार नहीं ठहराने की बात लिखी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि आत्महत्या के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है।
यह घटना पुलिस विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के मानसिक और प्रशासनिक दबाव तथा शिकायतों के समय पर निराकरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। मामले की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।