मध्य प्रदेश में मेडिकल स्टोर के लिए नए नियम

संवाददाता- निलेश कलसकर
पांढुरना- मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लिया है, जिसमें मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट का रहना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्णय छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से 21 बच्चों की मौत के बाद लिया गया है।
*नए नियमों के तहत:*
– मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट का रहना अनिवार्य होगा।
– बिना फार्मासिस्ट के दवा बिक्री पर रोक लगाई गई है।
– मेडिकल स्टोर को बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवा नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।
– गैर-पंजीकृत व्यक्ति को दवा का वितरण और बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी।
– नियमों का उल्लंघन करने पर 3 महीने की जेल और 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
*फार्मेसी काउंसिल की कार्रवाई*
फार्मेसी काउंसिल ने सभी मेडिकल स्टोर, अस्पताल और फार्मेसी संस्थानों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के दवा नहीं बेच सकते हैं। काउंसिल ने यह भी कहा है कि यदि कोई मेडिकल स्टोर नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
*क्या है मामला?*
छिंदवाड़ा में एक मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित कफ सिरप बेचने का आरोप लगा था, जिसके बाद वहां 21 बच्चों की मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि मेडिकल स्टोर डॉक्टर की पत्नी और भतीजे द्वारा चलाया जा रहा था। इस घटना के बाद सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए नए नियम जारी किए हैं। ⁴