नपापरिषद में बैठक को लेकर कांग्रेस बीजेपी आमने-सामने.
वनांचल समाचार पत्र- निलेश कलसकर
पांढुरना- नगर पालिका पांढुरना में पिछले छह माह से परिषद की बैठक न होने को लेकर कांग्रेस और भाजपा के पार्षद आमने-सामने आ गए हैं। विपक्ष ने जहां नियमानुसार बैठक बुलाने की मांग की है, वहीं अध्यक्ष का कहना है कि जनहित के कोई विषय लंबित नहीं हैं।
नेता प्रतिपक्ष सुरेश सुरजूसे, पार्षद संदीप बनाइत और कांग्रेस नेता योगेश खोडे, प्रमोद बाम्बल, रुनदेश जसूतकर ने बुधवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राजकुमार इवनाती को परिषद की बैठक आयोजित करने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत का जवाब शुक्रवार को नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोड़े ने दिया।
अध्यक्ष संदीप घाटोड़े बोले-बैठक के लिए जनहित के कोई विषय लंबित नहीं
अध्यक्ष संदीप घाटोड़े ने कहा कि परिषद की बैठक के लिए जनहित से जुड़े कोई महत्वपूर्ण विषय नहीं हैं। उनके अनुसार, जो भी प्रस्ताव स्वीकृत किए जाने हैं, उन्हें पीआईसी (प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल) की बैठकों में पारित किया जा रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष सुरेश सुरजूसे ने अध्यक्ष के बयान का खंडन करते हुए कहा कि नियमानुसार हर तीन माह में परिषद की बैठक होना अनिवार्य है, चाहे विषय हों या न हों। उन्होंने आरोप लगाया कि छह माह से बैठक न लेना परिषद के नियमों की अवहेलना है।
कांग्रेस पार्षदों ने कहा-विकास कार्य नहीं, स्थानीय लोग परेशान
कांग्रेस पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि वार्डों में कोई विकास कार्य नहीं हो रहे हैं, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी और अध्यक्ष इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं।
नगर पालिका कार्यालय में परिषद की अंतिम बैठक 3 अप्रैल को हुई थी। नियमानुसार, प्रत्येक तीन माह में परिषद की बैठक आयोजित करना आवश्यक है। इस प्रकार, छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई बैठक नहीं हुई है।
इस संबंध में सीएमओ राजकुमार इवनाती ने बताया कि कांग्रेस पार्षदों से परिषद की बैठक आयोजित करने के संबंध में ज्ञापन प्राप्त हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही बैठक का आयोजन किया जाएगा।