पतियों की लम्बी उम्र के लिए पत्नियों का निर्जला उपवास आज

रिपोर्ट (राकेश शर्मा) भगवान शिव और देवी पार्वती के पुनर्मिलन की याद में तीज का त्यौहार मनाया जाता है! जिन्होंने कई जन्मों तक कठिन तपस्या के बाद शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था!यह व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाता है!जबकि कुंवारी कन्याएँ मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। यह त्यौहार सावन के मौसम में आता है, जब प्रकृति हरी-भरी होती है, और इसे खुशी और प्रकृति के साथ जुड़ाव के रूप में भी देखा जाता है।
कुंवारी लड़कियाँ भी यह व्रत रखती हैं ताकि उन्हें शिव जैसा गुणवान पति मिले! यह त्यौहार वर्षा ऋतु के दौरान आता है जब चारों ओर हरियाली छाई रहतीहै!महिलाएँ हरे रंग के कपड़े, चूड़ियाँ पहनती हैं और मेहंदी लगाती हैं, जो प्रकृति के साथ उनके जुड़ाव को दर्शाता है!इस दिन महिलाएँ सोलह श्रृंगार करती हैं, सहेलियों के साथ मिलती हैं, झूला झूलती हैं और पारंपरिक गीत गाती हैं! यह त्योहार परिवारों में रिश्तों को मजबूत करता है! सभी महिलाएँ भगवान शिव और देवी पार्वती की विधिवत पूजा करती हैं! सुहागिन महिलाएँ और कुंवारी कन्याएँ व्रत रखकर सुखमय जीवन की कामना करती हैं।यह त्योहार वर्षा ऋतु की सुंदरता और ताजगी का भी प्रतीक है, जो गर्मी के महीनों के बाद लोगों को राहत प्रदान करती है।