“पढ़ लेने से नौकरी नहीं मिलेगी” – प्रिंसिपल के बयान से भड़के छात्र, कलेक्ट्रेट पहुंच कर की शिकायत

सिंगरौली जिले के शासकीय महाविद्यालय वरिगवां में प्राचार्य द्वारा छात्रों को पढ़ाई के प्रति हतोत्साहित करने का मामला सामने आया है। कॉलेज के छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य के अनुसार पढ़-लिख लेने से कोई नौकरी नहीं मिलती। इस बयान से आक्रोशित छात्रों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर प्राचार्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और उन्हें हटाने की मांग की है।
छात्रों ने मीडिया को बताया कि कॉलेज में न तो नियमित पढ़ाई होती है और न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था है। मजबूरी में छात्रों को कॉलेज से दूर सड़क पार कर हैंडपंप से पानी पीना पड़ता है, जबकि वे कॉलेज में आरओ का ठंडा पानी मांगते हैं तो उन्हें डांट कर भगा दिया जाता है।
छात्रों का यह भी कहना है कि जब वे पढ़ने आते हैं, तो प्राचार्य उन्हें कहते हैं कि “यहां आने की जरूरत नहीं, पढ़ाई से कोई नौकरी नहीं मिलने वाली।” इतना ही नहीं, छात्रों के छात्रवृत्ति फॉर्म भरने से भी प्राचार्य इनकार कर रहे हैं।
आरोप यह भी लगाया गया है कि प्राचार्य स्वयं अपना विषय नहीं पढ़ाते और जब छात्र पूछते हैं कि पढ़ाई कौन करेगा, तो उन्हें धमकाते हुए कहते हैं – “अगर ज्यादा सवाल-जवाब किए तो टीसी काटकर निकाल देंगे, और दोबारा किसी कॉलेज में एडमिशन लायक नहीं रहोगे।”
इसके अलावा छात्रों ने प्राचार्य पर जातिगत भेदभाव फैलाने और अतिथि विद्वान के फर्जी हस्ताक्षर करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए, जिससे कॉलेज का शैक्षणिक वातावरण बेहतर हो सके और उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।
