सीधी पुलिस की सराहनीय पहल: विशेष अभियान के तहत दो नाबालिक गुमशुदा बालिकाएं दस्तयाब, परिजनों को सौंपा गया

जिला ब्यूरो बिनय त्रिपाठी सीधी
सीधी, गुमशुदा बालिकाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत, सीधी पुलिस को आज एक बार फिर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। जिले की दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों से लापता हुई नाबालिक किशोरियों को पुलिस ने अथक प्रयासों, तकनीकी सहयोग और टीमवर्क के बल पर सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों को सौंपा।
पहला मामला: थाना जमोड़ी
दिनांक 16 फरवरी 2024 को एक नाबालिक बालिका घर से अचानक लापता हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट उसके पिता द्वारा 21 फरवरी को थाना जमोड़ी में दर्ज कराई गई थी। मामले में धारा 363 भा.दं.वि. के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर गंभीरता से विवेचना शुरू की गई। पुलिस टीम की सतत मेहनत व तकनीकी जांच के आधार पर बालिका को रत्नागिरी, महाराष्ट्र से दस्तयाब कर सीधी लाया गया। वैधानिक कार्रवाई के उपरांत उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस कार्य में थाना प्रभारी उनि. दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, सउनि. वीरभान साकेत, प्रआ. महाराणा प्रताप सिंह, महिला प्रआ. किरण मिश्रा, आर. अभिषेक तेंदुलकर एवं साइबर सेल के कृष्णमुरारी द्विवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दूसरा मामला: थाना रामपुर नैकिन
दिनांक 2 मई 2025 को थाना रामपुर नैकिन क्षेत्र से 14 वर्षीय एक नाबालिक लड़की के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। संदेह था कि कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर उसे भगा ले गया है। मामला धारा 137(2) बीएनएस के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनांक 20 मई 2025 को बालिका को रीवा से दस्तयाब कर लिया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के उपरांत उसे सकुशल परिजनों के हवाले कर दिया गया।
इस मामले में थाना प्रभारी निरी. सुधांशु तिवारी, उनि. चक्रधर प्रजापति, आर. महेन्द्र तिवारी तथा साइबर सेल से कृष्ण मुरारी द्विवेदी की सराहनीय सहभागिता रही।
निष्कर्ष:
सीधी पुलिस द्वारा इस विशेष अभियान के अंतर्गत दिखाई गई सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता निश्चित रूप से अनुकरणीय है। गुमशुदा बालिकाओं की सुरक्षित वापसी ने न केवल परिजनों को राहत दी, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।