जानें क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस, क्या है इसका इतिहास

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वैश्विक शांति और सतत विकास लाने में शिक्षा की भूमिका का जश्न मनाने के लिए हर साल 24 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (International Day of Education) मनाया जाता है। किसी भी देश के विकास का स्तर उस देश के शैक्षिक एवं बौद्धिक स्तर से मापा जा सकता है। विश्व शिक्षा दिवस की महत्ता को देखते हुए इस दिन को विभिन्न देशों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। इस अवसर पर तरह-तरह के वैश्विक ग्लोबल इवेंट्स आयोजित किये जाते हैं।
क्या है उद्देश्य?
आज के दिन को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया में शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता लाना है। मनुष्य के जीवन में शांति और विकास सबसे जरूरी चीजें हैं और इसे हासिल करने का एकमात्र तरीका शिक्षा ही हो सकती है। हर व्यक्ति और बच्चों तक मुफ्त और बुनियादी शिक्षा की पहुंच जल्द से जल्द हो, इस दिन को मनाने का यही उद्देश्य है।
3 दिसंबर, 2018 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शांति और विकास के लिए शिक्षा की भूमिका को बढ़ावा देने के लिए 24 जनवरी के दिन को हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। नाइजीरिया और 58 अन्य सदस्य राष्ट्रों द्वारा ‘इंटरनेशनल डे ऑफ एजुकेशन’ को अपनाया गया। इसके बाद से, हर बच्चे की मुफ्त और बुनियादी शिक्षा तक पहुंच हो, इस उद्देश्य के साथ यह दिन हर वर्ष मनाया जाने लगा।
यूनेस्को का क्या महत्व है?
यूनेस्को शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति, संचार और सूचना में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित कर दुनिया में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए योगदान देता है |
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