नवागत कलेक्टर पर भारी , सैनिक कंपनी रेत कारोबारी

0 2,002

 

 विजय भारत टाइम्स , सीधी । जिले में रेत उत्खनन के कार्य में लगी सैनिक कंपनी द्वारा नंगानाच किया जा रहा है नवागत कलेक्टर साकेत मालवीय खुलेआम चुनौती देते हुए दिन-रात बड़ी-बड़ी मशीने लगाकर नदियों का सीना छलनी किया जा रहा है जिला कलेक्टर श्री मालवीय द्वारा अभी तक विद्यालय , स्वास्थ्य केंद्र ,आंगनवाड़ी केंद्र, उपार्जन केंद्रो सहित अन्य कई विभागों का औचक निरीक्षण किया गया है किंतु अभी तक अवैध रेत उत्खनन के लिए चर्चित खदानों में नहीं पहुंच सके हैं इस पर भी सवालिया निशान लग रहा है ।

वही दूसरी ओर श्रमिकों को काम देने के नियम कायदे को कंपनी के नुमाइंदों द्वारा पूर्व से ही कुचला जा रहा है अब आलम यह है कि जिले में दर्जनों रेत खदानों में शासन के नियम कायदे धराशाई हो चुके हैं सैनिक फ़ूड कारपोरेशन लिमिटेड का जिले में लक्ष्मण सिंह के द्वारा नेतृत्व किया जा रहा है और इसमें चेतेश्वर पुजारा और यतेंद्र शर्मा द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन कराने के लिए जिम्मेवारी संभाली गई हैं माननीयो से लेकर के प्रशासनिक अधिकारियों , कर्मचारियों को हर महीने मोटी रकम का लिफाफा पहुंचाने का कार्य भी इन्हीं के द्वारा किया जा रहा है इसके लिए शहर का काफी हाउस काफी चर्चा में है जहां बुलाकर हर महीने के 10 से 15 तारीख के भीतर मोटी रकम के लिफाफे दिए जा रहे हैं ताकि अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में सभी की चुप्पी बनी रहे। कोई बोल ना पाए , लिहाजा इनका यह फंडा काफी हद तक सफल है किंतु जिले की खनिज संपदा रेत का जिस तरीके से अवैध दोहन जारी है वह काफी शर्मनाक भी है ।

जानकारी के मुताबिक जिले के बहरी स्थित भरुही, डोल एवं कुसमी क्षेत्र के टिकरी , निधिपुरी सहित अनेक स्थान पर रेत की अधाधुंध खदाने चल रही है जहां मशीनों का रौद्र रूप देखते बनता है । 24 घंटे मशीनों के द्वारा निर्धारित क्षेत्र एवं उसके बाहर रेत का खनन किया जा रहा है वही रेत परिवहन में लगे वाहन भी ओवरलोड का बेहतर नमूना प्रस्तुत कर रहे हैं । खदान क्षेत्र में आने वाले पुलिस थाना एवं पुलिस चौकी भी रेत कारोबारी के चंगुल में है मजाल क्या है कि कोई थाना या चौकी प्रभारी किसी तरह से बोल दे । बताया जाता है कि जिले से लेकर के चौकी तक की व्यवस्था हर महीने फिट है । आलम यह है कि सैनिक रेत कंपनी की अंधेर गर्दी इसी लिफाफा व्यवस्था के आधार पर जारी है।

हर माह मोटी रकम , नतमस्तक खनिज विभाग

जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर नजर रखने के लिए मुख्य रूप से खनिज विभाग एवं पुलिस के पास जिम्मेवारी है किंतु दोनों ही विभाग मोटी रकम वाले लिफाफे के आगे नतमस्तक हैं । जिले के खनिज अधिकारी के रूप में दीपमाला तिवारी पदस्थ हैं किंतु इनके द्वारा भी रेत खदानों का निरीक्षण नहीं किया जाता है । बताया जाता है कि हर माह सैनिक रेत कंपनी के बंदे कार्यालय में हाजिरी लगाने पहुंच जाते हैं ताकि अधिकारी रेत खदानों तक न पहुंच सके , और उन्हें अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के लिए खुली छूट मिली रहे। नतीजा ऐसा हो भी रहा है जिला खनिज अधिकारी के कार्यालय तक सीमित रहने के कारण सीधी जिले के खनिज संपदा रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन जोरों से जारी है गत वर्षों से रेत कंपनी द्वारा किए जा रहे नंगा नाच की झलक नहीं दिख पा रही है रेत कंपनी के अधिकारी कर्मचारी भी लिफाफे बाटकर अपने आप को महफूज साबित कर रहे हैं और दिन रात अवैध तरीके से रेत का उत्खनन एवं परिवहन कर मालामाल हो रहे हैं। अब देखना यह बाकी होगा कि जिला कलेक्टर को चुनौती देने वाले सैनिक रेत कारोबारी के खिलाफ जांच कार्यवाही हो पाती है या फिर यहां भी कंपनी का मैनेजमेंट फंडा काम कर जाता है।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment