वैशाख मास में शिवलिंग के ऊपर क्यों बांधते हैं मटकी? जानें परंपरा और इसका महत्व

धर्म ग्रंथों में हर महीने से जुड़ी कई परंपराएं बताई गई है। ऐसे ही परंपरा वैशाख मास से जुड़ी है। इस माह में शिवलिंग के ऊपर एक मटकी बांधी जाती है। जिसमें से बूंद-बूंद पानी टपकता रहता है। इस परंपरा के पीछे धार्मिक कारण है। कुछ स्थानों पर एक से अधिक गलंतिका बांधी जाती है। आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक कारण।
शिवलिंग के ऊपर क्यों बांधते हैं गलंतिका
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार वैशाख मास में भीषण गर्मी पड़ती है। जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है। वह कई बीमारियों को सामना करना पड़ता है। ऐसी ही मान्यता भगवान शिवजी से जुड़ी है। जब समुद्र मंथन में सबसे पहले कालकूट नामक भयंकर विष निकला था। तब पूरी सृष्टि में कोहराम मच गया था। तब भगवान शंकर ने उस विष को पीकर सृष्टि को बचाया था। मान्यताओं के अनुसार वैशाख मास में महादेव पर विष का असर होने लगता है। उनके शरीर का तापमान भी बढ़ने लगता है। उस तापमान को नियंत्रित करने के लिए शिवलिंग पर मटकी बांधी जाती है। जिसमें से बूंद-बूंद टपकता जल शंकर को ठंडक देता है।