मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत मत्स्य पालकों को योजनाओं की जानकारी

0 56

शहपुरा विकासखंड में 6 स्थानों पर भ्रमण कर मत्स्य गतिविधियों का निरीक्षण, 31 सदस्यों का NFDP पंजीयन एवं 48 केसीसी प्रकरण तैयार

 

*डिंडोरी 12 सितंबर 2026*

 

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 2026 के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशानुसार विकासखंड शहपुरा में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों एवं मछुआ सहकारी समितियों से संवाद एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्राम मानिकपुर, कछारी, शहपुरा, बिछिया, देवरीकला एवं टिकरिया सहित 6 स्थानों का भ्रमण कर मत्स्य गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। भ्रमण के दौरान मछुआ सहकारी समिति मानिकपुर, मां गायत्री मछुआ सहकारी समिति बिछिया, मत्स्य सहकारी समिति देवरीकला, शिवालय मछुआ सहकारी समिति मर्यादित टिकरिया, मछुआ ढीमर मांझी समाज मत्स्य सहकारी समिति मर्यादित शहपुरा तथा दुर्गा मत्स्य सहकारी समिति कछारी माल का भ्रमण किया गया।

 

विकासखंड शहपुरा में पंजीकृत 14 मछुआ सहकारी समितियों के 450 सदस्य, 15 स्व-सहायता समूहों के 201 सदस्य तथा निजी मत्स्य पालक मत्स्य पालन, मत्स्याखेट एवं मत्स्य विक्रय से जुड़े हैं। भ्रमण के दौरान विभागीय योजनाओं के साथ केसीसी, तालाब पट्टा आवंटन, NFDP पोर्टल पर पंजीयन, मत्स्यबीज की उपलब्धता तथा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना की जानकारी दी गई। मौके पर NFDP पोर्टल पर पंजीयन से वंचित 31 सदस्यों का पंजीयन कराया गया तथा 48 सदस्यों के केसीसी फार्म भरकर विभिन्न बैंकों को भेजे गए। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत ग्राम गुतलवाह में आयोजित कार्यक्रम में मत्स्य विभाग द्वारा विभागीय प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाया गया, जहां उपस्थित जनसमुदाय को विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा लगभग 650 ब्रोशर वितरित किए गए।

 

Bमत्स्य पालकों से संवाद के दौरान बताया गया कि शासन द्वारा तालाबों एवं जलाशयों में मत्स्य पालन के साथ केज फिश फार्मिंग तथा स्वच्छ एवं ताजी मछली की बिक्री के लिए स्मार्ट फिश पार्लर जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इच्छुक हितग्राही आधार कार्ड, निवासी प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक एवं समग्र आईडी के साथ शिविर में उपस्थित होकर केसीसी सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। उद्यम संवाद के माध्यम से मत्स्य पालकों को मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, उत्पाद के उचित क्रय-विक्रय तथा अधिक आय अर्जित करने के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं यशस्वी संवाद में ग्रामीणों को उपलब्ध जल संसाधनों का समुचित उपयोग कृषि सिंचाई एवं मत्स्य पालन के लिए करते हुए उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। इन्फ्लुएंसर संवाद में मोबाइल एवं सोशल मीडिया के माध्यम से रील आदि बनाकर अपने मत्स्य व्यवसाय एवं उत्पादों का प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने की जानकारी दी गई।

 

भ्रमण के दौरान मानिकपुर, शहपुरा, बिछिया, देवरीकला, केहेजरा सहित अन्य समितियों को समय पर मत्स्यबीज संचयन करने तथा मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि मत्स्य पालक परिवारों एवं समिति सदस्यों को मत्स्य पालन गतिविधियों से अधिक से अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment