आरटीआई कार्यकर्ता ने सूचना आयुक्त को भेजा नोटिस: निरीक्षण से इनकार पर गरमाया मामला

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संवाददाता- निलेश कलसकर जिला ब्युरो चिफ पांढुरना

पांढुरना/छिंदवाड़ा। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत निरीक्षण की अनुमति न देने और कानून के खिलाफ फैसला सुनाने के आरोप में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आरटीआई कार्यकर्ता तेजस सूरजुसे ने मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त श्री ओंकार नाथ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

क्या है पूरा मामला?

तेजस सूरजुसे ने 12 अक्टूबर 2022 को जिला शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा के पास स्कूल भवन निर्माण में ₹19.10 लाख के कथित भ्रष्टाचार की जांच हेतु दस्तावेजों के निरीक्षण के लिए आवेदन दिया था। निरीक्षण न कराए जाने पर मामला द्वितीय अपील के तहत राज्य सूचना आयोग पहुंचा।

आदेश पर उठा सवाल

कार्यकर्ता का आरोप है कि सूचना आयुक्त ने 31 अक्टूबर 2025 को सुनवाई के दौरान यह कहते हुए फैसला दिया कि RTI अधिनियम में निरीक्षण का प्रावधान नहीं है। सूरजुसे के अनुसार, अधिनियम की धारा 2(j) स्पष्ट रूप से निरीक्षण का अधिकार देती है। गलत व्याख्या करने और पद के दुरुपयोग को लेकर अब श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में सूचना आयुक्त को धारा 4(1)(d) के तहत नोटिस भेजा गया है, जो 12 जनवरी 2026 को आयोग को प्राप्त हो गया।

हटाने की मांग

तेजस सूरजुसे ने इस फैसले को “दिवालिया निर्णय” करार देते हुए धारा 17(1) के तहत सूचना आयुक्त को पद से हटाने की मांग की है। मुख्य राज्य सूचना आयुक्त से इस संबंध में 15 कार्य दिवसों के भीतर जवाब मांगा गया है।

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