महापरिनिर्वाण दिवस पर याद किए गए बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर

0 281

 

 

(अम्बेडकर चौक पर जिले के जिलाधिकारी सहित कई पदाधिकारी, समाजसेवी, राजनीतिक लोगों ने किया उन्हें नमन)

 

जहानाबाद। शनिवार को स्थानीय अम्बेडकर चौक पर बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन एससी/ एसटी कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉ अरविंद चौधरी के अध्यक्षता में किया गया। जहां बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया गया। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने कहा कि बाबा भीमराव आंबेडकर का देश के प्रति योगदान अनमोल हैं। उनके विचारों को अपनाकर समाज व देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है। मौके पर पहुंचकर अपर समाहर्ता श्री राजीव कुमार, अपर समाहर्ता विभागीय जांच श्री विनय कुमार सिंह जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री सुजीत कुमार जिला सूचना जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती विजेता रंजन भी बाबा साहब को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदानों को अनमोल बताया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार संतोष श्रीवास्तव , एससी /एसटी कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉ अरविंद चौधरी, जिला सचिव रामजीवन पासवान, उपाध्यक्ष राजकुमार निराला,संयुक्त सचिव बंशी दास,अंकेक्षक अर्जुन राम, जितेंद्र कुमार ,दीपक चौधरी, कुवंर विजय चौधरी,राजद के प्रधान महासचिव परमहंस राय, जिला महासचिव रमेश यादव, धर्मपाल सिंह यादव (सांसद प्रतिनिधि)शिवदयाल यादव, महर्षि विद्या पीठ के निदेशक साकेत रौशन, प्राचार्या सोनाली शर्मा, शिक्षिका श्रुति केशरी ब्यूटी कुमारी, प्रिया कुमारी,अमृता कुमारी, शिक्षक पंकज कुमार, आदित्या कुमार, विद्यालय के छात्र – छात्राएं सहित कई अन्य सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित कर कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर ने इस महान प्रजातंत्रामक देश को एक अमूल्य संविधान दिया है। आज देश के महिलाओं, वंचितों, दलितों, अछूतों को समान हक व अधिकार दिलाकर उन्हें सामाज के मुख्य धारा में लाने का कार्य किया। बाबा साहब ने एक अग्रणी संविधान का मसौदा तैयार करके सामाजिक न्याय और समानता की अपनी गहन समझ का उदाहरण दिया। प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नियंत्रित करने वाले मूलभूत सिद्धांतों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, न्याय, समानता और व्यक्तिगत अधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता संवैधानिक प्रावधानों में स्पष्ट है, जो भेदभाव को खत्म करने और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का प्रयास करते हैं।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment