हिंदी राजभाषा की एकदिवसीय कार्यशाला का केंद्रीय विद्यालय जमुना कॉलरी में हुआ आयोजन

*रिपोर्ट-नेशनल ब्यूरो चीफ राकेश शर्मा*
अनूपपुर,जमुना-इस तरह की कार्यशाला राजभाषा की संवैधानिक स्थिति और इसका दैनिक जीवन व शैक्षणिक क्षेत्र में प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु त्रैमासिक होती है। इसमें केंद्रीय विद्यालय जमुना कॉलरी के समस्त शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्घाटन कार्यशाला के अध्यक्ष विद्यालय प्राचार्य मनोज कुमार ने किया। उन्होंने हिंदी को भारत की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता की भाषा बताते हुए इसका संरक्षण और संवर्धन करने पर जोर दिया। प्राचार्य ने कहा कि हिंदी राजभाषा के रूप में हमारी शक्ति है और इसे आत्मसात करने की आवश्यकता है।
कार्यशाला के दौरान हिंदी राजभाषा के महत्त्व, अधिनियम, व्याकरण, लेखन शैली, औपचारिक पत्र-लेखन और हिंदी की सही उपयोगिता पर विशेष ध्यान रखते हुए प्रयोग करने पर बल दिया गया। परास्नातक शिक्षक,हिंदी डॉ रामचन्द्र ने हिंदी के व्याकरण और स्वरूप पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
कार्यशाला में हिंदी के महत्व को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समझाने के लिए छोटे वीडियो और प्रेजेंटेशन भी दिखाए गए। इसके अतिरिक्त, सहभागी शिक्षकों ने हिंदी के माध्यम से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान मजबूत करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।कर्मचारियों के लिए हिंदी प्रश्नोत्तरी और निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिससे उनकी हिंदी भाषा में रुचि और सुधार की भावना बनी। प्रतियोगिताओं में विजेताओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यशाला के अंत में समापन समारोह हुआ, जिसमें सभी शिक्षकों ने हिंदी भाषा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।