सीधी जिले में मध्याह्न भोजन योजना पर गहरा संकट — सभी ब्लॉकों में 3 महीने से रसोइयों को वेतन नहीं, घर चलाना हुआ मुश्किल

सीधी जिले में मध्याह्न भोजन योजना अव्यवस्थाओं में उलझी है। जिले के सभी विकासखंडों में शासकीय स्कूलों में भोजन बनाने वाली रसोइयों को लगातार तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इससे हजारों परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
स्व-सहायता समूहों से जुड़ी इन महिलाओं का कहना है कि उनकी मामूली मजदूरी ही परिवार की आजीविका का आधार है। लेकिन लंबे समय से भुगतान न होने से अब स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उन्हें राशन तक उधार लेना पड़ रहा है।
एक रसोइया ने पीड़ा साझा करते हुए कहा —
“हम बच्चों की थाली भरते हैं, लेकिन हमारे घर में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है। तीन माह से मेहनताना न मिलने पर भी हम रोज स्कूल जाकर काम करते हैं।”
रसोइयों ने यह भी आरोप लगाया कि पोषण आहार के नाम पर योजनाएँ तो कागज़ों में मजबूत दिखती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वालों को ही निराशा मिल रही है।
पीड़ित महिलाओं ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान करने की मांग की है, ताकि उनके परिवार दोबारा सामान्य स्थिति में आ सकें और बच्चों के लिए भोजन व्यवस्था भी बाधित न हो।