नगर सहित ग्रामीणों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया रक्षाबंधन एवं कजलियां का त्यौहार,

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जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव कि रिपोर्ट,

जिले मैं भारतीय संस्कृति में हिंदुओं का विशेष पर्व मनी जाने वाली भाई बहनों का स्नेह पर्व रक्षाबंधन व काजलिया पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। पहले दिन बहनों ने अपने प्यारों भाइयों के माथे में तिलक लगाकर आरती उतारकर उनके मुंह मीठा करवाया तथा उनकी कलाइयों में रक्षा कवज के रूप में रक्षा सूत्र, राखी बांधी, और भाइयों ने अपने बहनों को उपहार देकर हमेशा रक्षा करने का वचन दिए। सुबह से ही रक्षाबंधन के त्यौहार को लेकर युवतीयो , महिलाओं, और नन्हे मुन्ने, बालक बालिकाओं, बच्चों में, अधिक उत्साह देखा गया। गौरतलाब है कि आज की व्यस्तिकी बावजूद भी हिंदू धर्म में इन त्योहारों का महत्व आज भी बरकरार है। पुरातन समय से चली आ रहे इस त्यौहार का शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि इस स्थिति में असुरों से रक्षा के लिए इंद्र ने ब्राह्मण से रक्षा सूत्र बंधवाया था। रक्षा सूत्र के प्रभाव से इंद्र ने असुरों से युद्ध जिसमें इंद्र की विजय हुई तभी से इस तिथि,में रक्षा सूत्र बंधवाने की परंपरा चली। बाद में रक्षा सूत्र भाई बहन के पवित्र रिश्ते का पर्याय बन गया। वहीं रविवार को प्रेम और भाईचारे के साथ-साथ प्रकृति के अनुपम उपहार फसलों से जुड़ी पर्व काजलिया का त्योहार भी उत्साह पूर्वक मनाया गया। पुरातन समय से चली आ रही यहां परंपरा लोगों में मेल मिलाप का अवसर मानी जाती है। इस दिन अपना बैर द्वेस भूलकर लोग,काजलिया,को एक दूसरे को देकर मैत्री भाव प्रकट करते हैं। काजलिया पर्व मनाने शाम से ही महिलाओं और बच्चे सिर पर काजलिया की टोकनी लेकर नंदी की ओर चल दिए। नदी में काजलिया के पूजन अर्चना के पश्चात परिवार और समाज में एक दूसरे,को काजलिया देकर गले मिले।

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