“सम्मान दो, हक दो” – सीधी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, डिप्टी कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन

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सीधी, मध्यप्रदेश | 09 जुलाई 2025
जिला मुख्यालय स्थित विथिका भवन आज नारों और एकजुटता की गूंज से भर गया, जब जिले भर की सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आईं। प्रदर्शन की अगुवाई आंगनबाड़ी जिला अध्यक्ष एटक यूनियन संघ रानी द्विवेदी ने की, जिन्होंने डिप्टी कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि वे वर्षों से समाज के सबसे निचले तबके तक सेवाएं दे रही हैं, लेकिन सरकार उन्हें उनका उचित मान-सम्मान और अधिकार नहीं दे रही। प्रदर्शन में महिलाएं अपने हाथों में तख्तियां लिए “सम्मान दो, हक दो” के नारे लगाती रहीं।
प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं:
🔸 मानदेय में बढ़ोतरी – कार्यकर्ताओं को ₹32,000 और सहायिकाओं को ₹26,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
🔸 सेवा के दौरान मृत्यु पर मुआवजा – ₹5 लाख की सहायता राशि और अंतिम संस्कार हेतु ₹10,000 प्रदान किए जाएं।
🔸 पोषण ट्रैकर और ओटीपी ऐप बंद किए जाएं – कार्यकर्ताओं ने बताया कि ऐप्स के माध्यम से अभिभावकों से ओटीपी लेना अनिवार्य है, लेकिन लोग सहयोग नहीं करते, जिससे काम अधूरा रह जाता है।

🔸 मानसिक उत्पीड़न पर रोक – अधिकारियों द्वारा अपमानजनक व्यवहार और दबाव के चलते कई कार्यकर्ता तनाव में हैं।
🔸 स्थायीकरण की मांग – वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया।
संघ जिला अध्यक्ष रानी द्विवेदी ने कहा:
“हम किसी के रहम पर नहीं, अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज़ होगा।”
डिप्टी कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें शासन तक पहुंचाई जाएंगी।
यह प्रदर्शन न सिर्फ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की एकता और चेतना को दर्शाता है, बल्कि उनके अधिकारों के लिए चल रही संघर्षपूर्ण लड़ाई का भी प्रतीक बन गया है।