तहसीलदार पर कूटरचित एससी/एसटी एक्ट में फंसाने का आरोप, जांच की मांग

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संतमुनी शर्मा ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, चुरहट तहसीलदार पर पद के दुरुपयोग और अभद्र व्यवहार के लगाए गंभीर आरोप

सीधी/चुरहट, 8 सितंबर 2026। चुरहट तहसील क्षेत्र के ग्राम कटकैया निवासी संतमुनी शर्मा ने तहसीलदार चुरहट के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कथित कूटरचित एससी/एसटी एक्ट एवं अन्य आपराधिक धाराओं में प्रकरण दर्ज कराने, न्यायालयीन कार्य में बाधा डालने तथा पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।

ज्ञापन के अनुसार, संतमुनी शर्मा ने ग्राम-सर्रा की आराजी नंबर 792 एवं 793/1 में अपने नाम की प्रविष्टि में त्रुटि सुधार के लिए मई 2026 में आवेदन दिया था। इसके बाद तहसील न्यायालय द्वारा जांच के लिए पटवारी हल्का से प्रतिवेदन मांगा गया। आवेदक का आरोप है कि पटवारी ने 22 जून 2026 को प्रतिवेदन तहसील कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया, लेकिन तहसीलदार द्वारा उसे समय पर उपखंड अधिकारी के समक्ष नहीं भेजा गया और करीब दो माह तक लंबित रखा गया।

आवेदक ने आरोप लगाया कि प्रतिवेदन भेजने के लिए तहसीलदार से बार-बार अनुरोध किया गया। ज्ञापन में दावा किया गया है कि इसी दौरान उनसे पैसे की मांग की गई और पैसा नहीं देने पर कथित तौर पर गलत एवं भ्रामक प्रतिवेदन उपखंड अधिकारी न्यायालय भेज दिया गया। इसके बाद आवेदक के अनुसार उसे तहसील न्यायालय में बुलाकर कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया।

CCTV फुटेज की जांच की मांग

ज्ञापन में तहसील न्यायालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग भी की गई है। आवेदक का कहना है कि इससे तहसीलदार एवं उनके बीच हुए कथित व्यवहार की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

एससी/एसटी एक्ट के मामले में फंसाने का आरोप

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि तहसीलदार द्वारा आवेदक के विरुद्ध कूटरचित एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया गया। आवेदक ने इसे गलत बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही तहसीलदार को चुरहट से हटाकर किसी अन्य स्थान पर पदस्थ करने तथा उनकी कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज सीधी की ओर से भी इस मामले में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर तहसीलदार के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो चुरहट बाजार बंद कर आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि मामले से संबंधित CCTV फुटेज एवं राजस्व अभिलेखों की तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके और किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत प्रकरण में फंसने से बचाया जा सके।

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