19 वर्षों से गरियाबंद जिला के एकमात्र राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक डॉ. मुन्नालाल देवदास
मेरे संघर्षमय जीवन का श्रृंगार है राष्ट्रपति पुरस्कार” — डॉ. देवदास

राजिम।
छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज तहसील शाखा राजिम के तत्वावधान में शिक्षक दिवस समारोह पेंशनर्स भवन के सभागार में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर आयोजित समारोह में शिक्षा, शिक्षक धर्म और समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।
समारोह में गरियाबंद जिले के राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कृत सेवानिवृत्त प्रधान पाठक, साहित्यकार, गीतकार, नवाचारी शिक्षाविद एवं समाजसेवी डॉ. मुन्नालाल देवदास को उनकी उल्लेखनीय शैक्षिक, साहित्यिक एवं सामाजिक उपलब्धियों के लिए पेंशनर्स समाज द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
2007 में राष्ट्रपति पुरस्कार से हुए थे सम्मानित
डॉ. देवदास को वर्ष 2007 में शैक्षिक नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल के करकमलों से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त हुआ था। इस उपलब्धि के 19 वर्ष बाद भी गरियाबंद जिले से किसी अन्य शिक्षक को राष्ट्रपति पुरस्कार नहीं मिला है, जिससे यह उपलब्धि जिले के लिए विशिष्ट गौरव का विषय बनी हुई है।
डॉ. देवदास ने कहा कि “राष्ट्रपति पुरस्कार मेरे संघर्षमय जीवन का श्रृंगार और शिक्षकीय जीवन की अनमोल पूंजी है।”
– शिक्षा से साहित्य और गीत-सृजन तक उल्लेखनीय सफर
डॉ. देवदास ने शिक्षा के साथ साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके अनुसार अब तक 30 शिक्षाप्रद पुस्तकें एवं 7 शोधपरक आलेख प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी तीन पुस्तकों को वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिलने का उल्लेख किया गया। उनकी बाल कहानियों एवं शैक्षिक नवाचार संबंधी परिचर्चाओं का प्रसारण आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केंद्र रायपुर से हुआ है।
सांस्कृतिक विरासत पर आधारित उनके अनेक गीतों को ख्यातिप्राप्त गायकों ने स्वर दिया है और प्रतिष्ठित संगीत माध्यमों के जरिए व्यापक मंच मिला। गीत-सृजन के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें 2022 में मुंबई में श्री दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म एंड टेलीविजन अवार्ड से सम्मानित किया गया। साहित्य एवं सेवाकार्य में योगदान के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ शासन के डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार-2020 से भी सम्मानित किया जा चुका है।
– अतिथियों को प्रदान किया ‘शिक्षा रत्न सम्मान-2026’
अपनी 19 वर्षों की राष्ट्रपति पुरस्कार यात्रा को यादगार बनाने के लिए डॉ. देवदास ने समारोह में उपस्थित अतिथियों को अपने हाथों से ‘शिक्षा रत्न सम्मान-2026’ प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि अपनी कलम, विचार और कर्म से समाज एवं राष्ट्र को दिशा दे सकता है।
समारोह में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य रमाकांत शर्मा, अध्यक्ष बैशाखूराम साहू, विशिष्ट अतिथि अजीत सिंह जाट, प्रेमलाल यदु एवं आर.एन. तिवारी सहित पेंशनर्स समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पेंशनर्स समाज द्वारा नये सदस्यों तथा सितंबर माह में जन्मदिन वाले सियाराम साहू, प्रदीपकुमार यदु, जीवनलाल साहू, ईश्वरलाल सिन्हा, श्यामलाल कंवर, वीरेंद्र शर्मा, प्रेमलाल यदु, अनंदराम वर्मा, गोविन्द प्रसाद शर्मा, विक्रम मेघवानी एवं भुवनलाल वर्मा का भी अंगवस्त्र, श्रीफल, प्रतीक चिह्न एवं बधाई संदेश पत्र देकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन रामबिशाल वर्मा एवं सचिव नूतन साहू ने किया। आभार मनीराम साहू ने व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।