शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में जैविक कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंचुआ खाद और कौशल विकास पर दी गई व्यावहारिक जानकारी

जिला ब्यूरो-सोहन श्याम
डिण्डौरी-शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन सेल के तत्वावधान में चल रहे जैविक कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम के सातवें दिन विद्यार्थियों को केंचुआ खाद (वर्मीकम्पोस्ट) के निर्माण और उसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य श्री पी.एस. वरकड़े के मार्गदर्शन में गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के मुख्य वक्ता और प्रशिक्षक श्री बिहारी लाल साहू ने केंचुआ खाद की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पृथ्वी पर केंचुए की लगभग 2 से 2.5 हजार विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि, कृषि और व्यावसायिक उपयोग की दृष्टि से इनमें से केवल 3 प्रकार की प्रजातियां ही सबसे ज्यादा काम की होती हैं। उन्होंने खाद बनाने की विधि का प्रत्यक्ष प्रदर्शन (डेमो) कर विद्यार्थियों को इसकी व्यावहारिक बारीकियाँ सिखाईं।
कार्यक्रम के समन्वयक और स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन सेल के प्रभारी डॉ. नरेंद्र सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के हुनर को निखारने के लिए ‘टॉनिक’ की तरह काम करते हैं। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया कि वे पूरी ईमानदारी के साथ इन सत्रों का लाभ उठाएं और अपना कौशल विकास (Skill Development) कर आत्मनिर्भर बनें।
इस अवसर पर आयोजन समिति के सम्मानित सदस्य डॉ. ए.के. राय, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. सुषमा, डॉ. प्रीत नेगी, डॉ. ज्योति एवं डॉ. बसंत, डॉ. खेमराज, सुश्री आकांक्षा कुशराम, श्री अभिषेक पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
प्रशिक्षण में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से भूमिका, पूनम, कामाक्षी, नीतू, डॉली, मूर्ति, अमर्ती सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक केंचुआ खाद निर्माण की इस उन्नत तकनीक को सीखा।