डीएनए, साइबर अपराध एवं इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस पर संभाग स्तरीय कार्यशाला आयोजित

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जबलपुर। अभियोजन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों एवं लोक अभियोजकों की कार्यदक्षता बढ़ाने तथा नवीन तकनीकी एवं न्यायिक परिदृश्य से अवगत कराने के उद्देश्य से डीएनए, साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा (इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस) विषय पर एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 23 अगस्त 2026 को होटल कृष्णा, नेपियर टाउन जबलपुर में किया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के माननीय न्यायमूर्ति श्री द्वारिकाधीश बंसल सहित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कृष्णमूर्ति मिश्रा, जिला कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, उप निदेशक अभियोजन भोपाल श्री विजय कुमार उईके एवं श्री महेन्द्र सिंह गौतम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

न्यायमूर्ति श्री द्वारिकाधीश बंसल ने अभियोजन के कर्तव्यों एवं अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अभियोजन को आरोपी, पीड़ित और राज्य—तीनों के प्रति निष्पक्ष रहकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने गवाहों के पक्ष-विरोधी होने के कारणों पर भी जानकारी दी और कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं अभियोजन अधिकारियों की कार्यदक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

जिला कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह ने डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाओं से अभियोजन मजबूत होगा और न्यायालय के समक्ष मामलों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सहायता मिलेगी।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कृष्णमूर्ति मिश्रा ने साइबर अपराध और डीएनए जैसे विषयों पर प्रशिक्षण को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए न्याय प्रणाली में अभियोजन की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय ने ओटीपी फ्रॉड, APK फाइल के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी तथा साइबर अपराधों के अनुसंधान में आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में आरोपियों तक पहुंचना और उन्हें न्यायालय में साबित करना चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन के संबंध में भी जानकारी दी।

कार्यशाला में श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा (इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस) पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया। वहीं डॉ. पंकज श्रीवास्तव, डीएनए एक्सपर्ट, आरएफएसएल जबलपुर ने न्यायालयिक विज्ञान एवं डीएनए से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उप निदेशक अभियोजन श्री महेन्द्र सिंह गौतम ने विभागीय जांच के नियम एवं प्रक्रिया पर व्याख्यान दिया।

कार्यशाला में डीएनए, साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस, कार्यक्षमता बढ़ाने, सामने आने वाली चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस संभाग स्तरीय कार्यशाला में छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, मंडला, डिंडौरी एवं जबलपुर जिलों के अभियोजन अधिकारी, लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक, जबलपुर जिले के पुलिस अधिकारी एवं जिला अभियोजन संचालनालय के कर्मचारी शामिल हुए।

महानिदेशक लोक अभियोजन भोपाल मध्यप्रदेश श्रीमती शिल्पा गुप्ता के मार्गदर्शन में कार्यशाला का आयोजन उप निदेशक अभियोजन श्री के.एस. मुवेल द्वारा कराया गया। समापन अवसर पर अभियोजन अधिकारियों एवं आयोजकों ने मुख्य अतिथि, व्याख्याताओं तथा विभिन्न जिलों से आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन विशेष लोक अभियोजक जबलपुर श्री चौधरी विक्रम सिंह ने किया।

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