प्रेम प्रसंग में दंपति की दोहरी हत्या: आरोपी को दोहरा आजीवन कारावास, इंदौर कोर्ट का बड़ा फैसला
विशेष लोक अभियोजक श्रीमती आरती भदौरिया की प्रभावी पैरवी, चिन्हित जघन्य प्रकरण में 25 गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध

इंदौर | प्रेस विज्ञप्ति
इंदौर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में माननीय 28वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री हेमंत कुमार रघुवंशी की अदालत ने गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी डीजे उर्फ धनंजय उर्फ शुभांशु यादव (25) निवासी गांधीनगर, इंदौर को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं में कुल 33 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
जिला अभियोजन संचालनालय, इंदौर के उपसंचालक अभियोजन श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि थाना एरोड्रम के विशेष प्रकरण क्रमांक 436/2021 में न्यायालय ने आरोपी को धारा 302 (दो काउंट) में दोहरे आजीवन कारावास, धारा 460 में 10 वर्ष, धारा 397 में 7 वर्ष के सश्रम कारावास तथा आयुध अधिनियम की धारा 25(1-बी)(बी) सहपठित धारा 4 के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार यह प्रकरण प्रेम प्रसंग से जुड़ा था। 17 दिसंबर 2020 को रुक्मणी नगर स्थित घर में दंपति ज्योतिप्रसाद शर्मा और नीलम शर्मा की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद उनकी नाबालिग बेटी घर से लापता थी। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक लिखित पर्ची, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर बेटी के मित्र धनंजय और बाल अपचारी की पहचान हुई। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया और हत्या में प्रयुक्त हथियार व कपड़े भी बरामद किए गए।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसे चिन्हित एवं जघन्य प्रकरण की श्रेणी में रखा गया था। अभियोजन ने न्यायालय में 25 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध हुआ।
पैरवीकर्ता
प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीमती आरती भदौरिया ने प्रभावी पैरवी की। उनके तर्कों एवं प्रस्तुत साक्ष्यों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोहरे आजीवन कारावास सहित अन्य धाराओं में दंडित किया।