सीधी: कस्तूरबा छात्रावास की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

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बिना मुंडेर की दो मंजिला छत पर झाड़ू लगाती दिखीं छात्राएं, वायरल वीडियो से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

प्राइड कदम समाचार | सीधी

सीधी जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में कुछ छात्राएं पानी की टंकी की सफाई करती दिखाई दे रही हैं, जबकि अन्य छात्राएं बिना मुंडेर वाली दो मंजिला छत पर झाड़ू लगाती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि छात्राएं ऊंचाई पर स्थित छत की सफाई कर रही हैं, जहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही। ऐसे में किसी भी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्रावास की सफाई के लिए कर्मचारी नियुक्त होते हैं, ऐसे में छात्राओं से इस तरह का कार्य कराना उचित नहीं है।

स्थानीय लोगों ने लगाए कई आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास में छात्राओं से नियमित रूप से सफाई सहित अन्य कार्य कराए जाते हैं। कुछ लोगों ने सहायक वार्डन पर छात्राओं से निजी कार्य कराने के आरोप भी लगाए हैं। इसके अलावा वार्डन के पति सुरेश प्रसाद मिश्रा द्वारा छात्रावास के संचालन में हस्तक्षेप किए जाने का भी दावा किया गया है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

वार्डन की अनुपस्थिति पर भी सवाल

कुछ स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि वार्डन दंपती शाम के समय छात्रावास छोड़ देते हैं, जिससे रात में किसी छात्रा की तबीयत बिगड़ने जैसी आपात स्थिति में जिम्मेदार अधिकारी मौके पर उपलब्ध नहीं रहते। इस संबंध में भी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अधीक्षक बोलीं— जानकारी नहीं थी, होगी जांच

मामले में छात्रावास की अधीक्षक सरला मिश्रा ने कहा कि वायरल वीडियो की उन्हें पूर्व में जानकारी नहीं थी और घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थीं। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी तथा यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

वायरल वीडियो के बाद अब संबंधित विभाग की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट होगा कि छात्राओं से सफाई किस परिस्थिति में कराई गई, क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया और यदि लापरवाही हुई तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।

छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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