तेज रफ्तार की कीमत: सड़क हादसे में बुजुर्ग की मौत, एक्टिवा चालक को 2 साल की सजा

इंदौर। सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग की मौत के मामले में इंदौर की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत ने आरोपी एक्टिवा चालक को दोषी ठहराते हुए 2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
जिला अभियोजन संचालनालय, इंदौर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि 20 जुलाई 2026 को माननीय न्यायालय प्रिन्सी अग्रवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, इंदौर ने थाना अन्नपूर्णा के प्रकरण क्रमांक 1667/2017 में आरोपी हरीश मौरे (55 वर्ष), निवासी इंदौर को भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए के तहत दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती वर्षा पाठक ने की।
अभियोजन के अनुसार, 14 जनवरी 2017 की शाम करीब 7:35 बजे फरियादिया अपने ससुर रामकिशन चौहान को पैदल क्लीनिक लेकर जा रही थी। अन्नपूर्णा रोड पर चौधरी साइकिल के सामने पहुंचने पर महू नाका की ओर से तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रहे एक्टिवा चालक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में रामकिशन चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए यूनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रारंभ में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 279 एवं 337 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान गंभीर चोट (अस्थिभंग) की पुष्टि होने पर धारा 338 जोड़ी गई। बाद में उपचार के दौरान लगी चोटों के कारण रामकिशन चौहान की मृत्यु हो जाने पर प्रकरण में धारा 304ए भी जोड़ी गई।
पुलिस ने विवेचना के दौरान दुर्घटनाग्रस्त एक्टिवा एवं संबंधित दस्तावेज जब्त कर साक्ष्य एकत्र किए और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 2 वर्ष के कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।