संरक्षण के दावों पर सवाल: बारिश में सड़कों पर तडपता गोवंश, NH-39 पर बढ़ रहा हादसों का खतरा

0 160

आश्रय और उपचार के अभाव में खुले आसमान के नीचे रह रहा बेसहारा गौवंश; किसान, राहगीर और वाहन चालक सभी प्रभावित

सीधी। जिले में गौ संरक्षण को लेकर किए जाने वाले दावे और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) सहित जिले की कई प्रमुख सड़कों पर बड़ी संख्या में बेसहारा गौवंश खुले आसमान के नीचे बारिश, भूख और दुर्घटनाओं के खतरे के बीच जीवन गुजारने को मजबूर है। लगातार सामने आ रही तस्वीरें न केवल पशु संरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती हैं।

बारिश के दौरान सड़क किनारे भीगती, घायल अवस्था में पड़ी और उपचार के अभाव में तड़पती गायें स्थानीय लोगों की चिंता का विषय बनी हुई हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि गौ संरक्षण के लिए योजनाएं और बजट उपलब्ध हैं, तो फिर सड़कों पर इस तरह की स्थिति क्यों बनी हुई है।

NH-39 पर बढ़ रहा दुर्घटनाओं का खतरा

NH-39 पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी अब सड़क सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन इन पशुओं से टकरा रहे हैं, जिससे लोगों के घायल होने के साथ-साथ कई बार गौवंश की भी मौत हो जाती है। रात के समय और बारिश के दौरान कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।

गौशालाओं की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

सरकारी रिकॉर्ड में गौशालाओं के संचालन, चारा, पानी और रखरखाव के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित होने का उल्लेख है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बड़ी संख्या में गौवंश अब भी सड़कों पर घूमता दिखाई देता है। बारिश के मौसम में इनके लिए पर्याप्त आश्रय और घायल पशुओं के उपचार की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं दिख रही है।

किसानों और आमजन की बढ़ी परेशानी

आवारा मवेशियों से किसान भी परेशान हैं। उनका कहना है कि पशु खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें रातभर खेतों की निगरानी करनी पड़ रही है। वहीं सड़कों पर मवेशियों की वजह से जाम और दुर्घटनाओं की घटनाएं भी आम नागरिकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं।

उठ रहे प्रमुख सवाल

NH-39 पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे।

बारिश में खुले आसमान के नीचे रह रहा बेसहारा गौवंश।

घायल पशुओं के उपचार और आश्रय की पर्याप्त व्यवस्था का अभाव।

किसानों की फसलों को हो रहा नुकसान।

सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर बढ़ता खतरा।

गौ संरक्षण संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल।

जनता की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन, नगर निकाय और पशुपालन विभाग से मांग की है कि बेसहारा गौवंश के लिए स्थायी गौशालाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, घायल पशुओं के लिए त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा NH-39 सहित प्रमुख सड़कों से आवारा मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए, ताकि पशुओं की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क हादसों पर भी अंकुश लगाया जा सके।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment