गरीबों को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश के खिलाफ घोसी में ऐतिहासिक सभा
चैती पीपर में अब भी दहशत, सुरक्षा की गारंटी दे सरकार: धीरेंद्र झा

प्राकृतिक संसाधनों और गरीबों की अस्मिता पर हमले के खिलाफ भाकपा-माले का आर-पार का संघर्ष: रामबली सिंह यादव
घोसी (जहानाबाद) पिछले दिनों जहानाबाद जिले के घोसी थाना अंतर्गत चैती पीपर गाँव में बालू माफिया गिरोह द्वारा गरीब दलितों और अतिपिछड़ों पर किए गए बर्बर, जानलेवा और सामंती हमले के खिलाफ आज घोसी के ऐतिहासिक खेल मैदान में एक विशाल ‘प्रतिरोध सभा’ का आयोजन किया गया। इस सभा में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं सहित चैती पीपर के पीड़ित परिवार शामिल हुए।
सभा में बालू माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले पुलिस-प्रशासनिक गठजोड़ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
इस ऐतिहासिक प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता अरूण बिन्द ने की जवकी संचालन भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता संजय कुमार चंद्रवंशी ने की !, इस अवसर पर भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा, अरवल के पूर्व विधायक महानंद सिंह, घोसी के पूर्व विधायक रामबली सिंह यादव, केंद्रीय कमिटी के सदस्य कुमार परवेज़, गया जिला सचिव निरंजन कुमार, जहानाबाद जिला सचिव विजय कुमार, जेएनयूएसयू (JNUSU) के पूर्व अध्यक्ष धनंजय, डॉ. रामाधार सिंह, महिला नेत्री लीला वर्मा, राज्य कमिटी सदस्य रवींद्र यादव, सुबोध चन्द्रवंशी, प्रभात कुमार, अरुण बिंद, वित्तन मांझी, RYA नेता धनंजय कुमार, हसनैन अंसारी सहित पीड़िता रेनू देवी व रेशमी देवी मौके पर मौजूद थीं! इस दौरान सभा को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में बालू उत्खनन पर पूरी तरह से कानूनी प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद, स्थानीय घोसी और हुलासगंज थाना के अधिकारियों के खुले संरक्षण और मिलीभगत से ‘विष्णु डॉन गिरोह’ दिन-रात बेखौफ होकर अवैध बालू का धंधा चला रहे थे। जब गाँव की बहु-बेटियों की सुरक्षा और अस्मिता की रक्षा के लिए विजय राम अपने घर में शौचालय बनाने हेतु नदी से मात्र एक-दो बोरा बालू लेना चाह रहे थे, तो माफिया के गुंडों ने उन्हें सरेआम जान से मारने की धमकी दी। गरीबों का यह हक है कि वे अपने बुनियादी काम के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग करें, लेकिन डबल इंजन की सरकार में माफियाओं को खुली छूट है। श्री झा ने घटना की भयावहता को बताते हुए कहा कि विरोध करने पर माफिया गिरोह आधुनिक हथियारों के साथ पूरी दलित-अतिपिछड़ा टोले में घुसा और सोची-समझी साजिश के तहत अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इस कायराना हमले में अजय राम, सुधीर राम और रेशमी देवी समेत 5 लोग खून से लथपथ होकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जो आज भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं ! वहीं अरवल के पूर्व विधायक महानंद सिंह ने चैती पीपर की बहादुर और जांबाज महिलाओं के साहस को सलाम करते हुए कहा कि जब पुरुष सदस्यों पर गोलियां चल रही थीं, तब अपनी जान की परवाह न करते हुए चैती पीपर की बहादुर औरतें लाठी-डंडे लेकर आधुनिक हथियारों से लैस बंदूकधारियों से भिड़ गईं। उन्होंने न सिर्फ अपने मर्दों को माफिया के चंगुल से छुड़ाया, बल्कि मुख्य सरगना विष्णु डॉन को खदेड़कर पकड़ा और पुलिस के हवाले किया। इस अफरा-तफरी और अंधाधुंध फायरिंग में अपराधियों की अपनी ही गोली से उनके साथी धीरज शर्मा की मौत हो गई।श्री महानंद सिंह ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए आगे कहा कि अब इस भाजपा-नीति सरकार में सामंती ताकतों और बालू माफिया का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे निर्दोष अजय राम और विजय राम को ही धीरज शर्मा की हत्या के झूठे मुकदमे में फंसाने की गहरी साजिश रच रहे हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि स्थानीय विधायक के परिवार वाले अपराधियों के घर मातम मनाने तो पहुंचे, लेकिन पीड़ित दलित बस्ती में पैर रखना भी उन्होंने गवारा नहीं समझा। यह सरकार के दलित-विरोधी और माफिया-परस्त चेहरे को उजागर करती है! इस अवसर पर घोसी के पूर्व विधायक रामबली सिंह यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चैती पीपर की लड़ाई सिर्फ बालू की चंद बोरियों की नहीं है। यह लड़ाई गरीबों के आत्मसम्मान, उनकी अस्मिता और जल-जंगल-जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर उनके बुनियादी अधिकार की लड़ाई है। भाकपा–माले इस सामंती-माफिया हमले के खिलाफ पहले दिन से ही सड़कों पर है और जब तक पीड़ितों को पूर्ण न्याय और दोषियों को जेल नहीं होती, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।
गाँव से आई पीड़ित महिलाओं (रेनू देवी व रेशमी देवी) ने भी रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि गाँव में आज भी डर का माहौल है। वहीं झूठे मुकदमे की तुरंत वापसी: धीरज शर्मा हत्याकांड के नाम पर निर्दोष अजय राम और विजय राम पर दर्ज किए गए सभी झूठे और मनगढ़ंत मुकदमे बिना शर्त तुरंत वापस लिए जाएं। पीड़ितों को प्रताड़ित करने की साज़िश बंद हो। दोषी पुलिस अधिकारियों का निलंबन: बालू माफिया को खुलेआम संरक्षण देने वाले और फल्गु नदी में अवैध खनन करवाने वाले घोसी और हुलासगंज थाना के दोषी पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित करते हुए उन पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गयी! साथ ही स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधियों को सजा: मुख्य आरोपी विष्णु डॉन और उसके पूरे गिरोह के खिलाफ सख्त धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर स्पीडी ट्रायल चलाए जाने और कड़ी से कड़ी सजा देने की बात कही! वहीं मुआवजा, पुनर्वास और सुरक्षा की गारंटी: पीड़ित परिवारों के घायलों के मुफ्त इलाज, उचित मुआवजे और पूरे टोले की सुरक्षा की गारंटी के साथ ही, गाँव की बेटियों की सुरक्षित शिक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करने हेतु सरकार से मांग की गई! साथ ही गाँव में बुनियादी विकास: जैसे चैती पीपर महादलित और अतिपिछड़ा टोले के हरेक गरीब के घर में सरकारी खर्च पर तत्काल शौचालय का निर्माण कराए जाने और पीने के पानी के लिए पर्याप्त संख्या में नए चापाकल लगाने की मांग की गई!
सभा के अंत में जिला प्रशासन को आगाह करते हुए कहा गया
कि यदि एक सप्ताह के भीतर पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली और झूठे मुकदमे वापस नहीं लिए, तो जहानाबाद जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
नवीन कुमार संवाददाता पटना बिहार