नगर पालिका की नींद और मौत का मंजर! जर्जर शासकीय कॉम्प्लेक्स का छज्जा गिरा, बाल-बाल बची कई जिंदगियां”

वार्ड क्रमांक-5 में देर रात भरभराकर गिरा विशाल छज्जा, दिन में होती घटना तो उठ सकते थे कई जनाजे; जर्जर भवनों के सर्वे और नगर पालिका की जवाबदेही पर उठे बड़े सवाल
सीधी। नगर पालिका परिषद सीधी की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। शहर के वार्ड क्रमांक-5 स्थित शासकीय कॉम्प्लेक्स का जर्जर छज्जा मंगलवार देर रात अचानक भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि घटना के समय परिसर में कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा यह हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन सकता था।
जानकारी के अनुसार, गायत्री मंदिर के समीप एवं छत्रपाल स्टेडियम के सामने स्थित शासकीय कॉम्प्लेक्स का यह हिस्सा लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि छज्जे में दरारें और कमजोरी स्पष्ट दिखाई दे रही थीं, इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए किसी प्रकार की सुरक्षा घेराबंदी की गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका परिषद हर वर्ष जर्जर भवनों के सर्वे और चिन्हांकन के दावे करती है, फिर भी शहर के बीचों-बीच स्थित इस खतरनाक ढांचे पर अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पड़ी? यदि यह छज्जा दिन के समय गिरता, जब यहां लोगों की आवाजाही चरम पर रहती है, तो गंभीर जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल कागजों में कार्रवाई करता है, जबकि जमीनी स्तर पर आम नागरिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। नागरिकों ने मांग की है कि शहर के सभी जर्जर भवनों, शासकीय परिसरों एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और खतरनाक हिस्सों को हटाने की कार्रवाई की जाए।
यह घटना केवल एक छज्जे के गिरने की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है, जो किसी बड़े हादसे के बाद ही जागती है। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका परिषद सीधी इस मामले में जिम्मेदारी तय करती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।