अनियमितताओं के आरोपों में शहपुरा नगर परिषद की CMO रीना सिंह राठौर निलंबित
भोपाल से जारी आदेश, जबलपुर मुख्यालय अटैच; पूर्व पदस्थापना स्थलों पर भी विभागीय जांच और आपराधिक प्रकरण लंबित

जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव
डिंडोरी/भोपाल, 25 जून 2026। नगर परिषद शाहपुरा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) रीना सिंह राठौर को गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल से दिनांक 25 जून 2026 को आदेश जारी किया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास (यांत्रिक प्रकोष्ठ), संभाग जबलपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
जारी आदेश के अनुसार, नगर परिषद शाहपुरा की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी अरुण अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि CMO रीना सिंह राठौर द्वारा निकाय में जेम पोर्टल एवं ऑफलाइन माध्यम से नियम विरुद्ध तरीके से अधिक दरों पर सामग्री क्रय की जा रही थी तथा कोटेशन के माध्यम से निर्माण कार्य कराकर शासन की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा था। शिकायत में यह भी कहा गया कि बिना सक्षम स्वीकृति के एमआरएफ सेंटर में तीन शेड का निर्माण कराया जा रहा है।
आरोपों में यह भी उल्लेख किया गया कि रीना सिंह राठौर द्वारा अपनी पसंद की एनजीओ को नियुक्त कर परिषद को भ्रमित करते हुए बिना कार्य के प्रतिमाह लगभग 20 लाख रुपये का अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा था। इसके अलावा जल गंगा संवर्धन योजना के अंतर्गत नगर में फर्जी वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण कर शासकीय राशि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया कि CMO द्वारा अध्यक्ष की अनुमति के बिना परिषद की बैठकें आयोजित की जाती थीं, तथा अध्यक्ष को भ्रमित कर फाइलों में हस्ताक्षर कराए गए। साथ ही निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की बात भी सामने आई, जिससे परिषद की छवि प्रभावित होने की बात कही गई।
आदेश में उल्लेख है कि अध्यक्ष नगर परिषद शाहपुरा द्वारा पूर्व में भी रीना सिंह राठौर के विरुद्ध शिकायत संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग जबलपुर के समक्ष की गई थी। इस पर 19 मई 2026 को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति द्वारा जांच प्रतिवेदन 16 जून 2026 को संचालनालय को भेजा गया।
जांच प्रतिवेदन में शाहपुरा नगर परिषद में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। इनमें स्वागत गेट में वास्तविक लागत से अधिक देयक का आहरण, किराए से वाहन लगाए जाना, बिना सक्षम स्वीकृति के डी-एनयूएलएम अंतर्गत भुगतान, तथा मानस भवन स्थित डी-ब्लॉक की दुकान क्रमांक 35 से 40 तक की नीलामी में गंभीर गड़बड़ियां शामिल हैं।
आदेश के अनुसार, रीना सिंह राठौर के विरुद्ध पहले से ही चार विभागीय जांच प्रकरण लंबित हैं। इनमें नगर परिषद चंदोरी में नामांतरण, भवन निर्माण अनुमति, ठेकेदार भुगतान और सामग्री क्रय में अनियमितता, नगर परिषद ब्यौहारी में सड़क निर्माण संबंधी लोकायुक्त जांच, नगर परिषद नौरोजाबाद में मोबाइल टॉयलेट एवं काउ कैचर क्रय अनियमितता, तथा नगर परिषद चंदिया में वित्तीय अनियमितताओं के मामले शामिल हैं।
इतना ही नहीं, मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 16 जनवरी 2026 को जारी आदेश के माध्यम से रीना सिंह राठौर, तत्कालीन CMO नगर परिषद चंदिया, के विरुद्ध अपराध प्रकरण क्रमांक 228/2019 में अभियोजन स्वीकृति भी प्रदान की जा चुकी है।
शासन ने अपने आदेश में माना है कि जहां-जहां रीना सिंह राठौर पदस्थ रहीं, वहां-वहां उनके खिलाफ अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं और वर्तमान पदस्थापना स्थल शाहपुरा में भी इसी प्रकार की शिकायतें एवं जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं। इसे पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और शासन के प्रति संदिग्ध निष्ठा का परिचायक मानते हुए मध्यप्रदेश नगरपालिका सेवा (कार्यपालन) नियम 1973 के नियम 36(1) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है