वनरक्षक से बाबू बने मनोज दुबे पर वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप, नाबालिग के नाम पर लाखों के लेनदेन का मामला

जिला ब्यूरो : मनोज कुमार यादव
डिंडोरी। आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र शाहपुर में पदस्थ वनरक्षक मनोज दुबे पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि वर्तमान में वनरक्षक होते हुए भी वे कार्यालय में क्लर्क (बाबू) का कार्य देख रहे हैं। शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर उन पर सत्र 2021-22 में वन श्रमिक मद में भारी वित्तीय गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि वनरक्षक मनोज दुबे ने शासन से प्राप्त वन श्रमिक मद की राशि में हेराफेरी करते हुए वन परिक्षेत्र शाहपुर के सामने चाय की टपरी लगाने वाले व्यक्ति के पुत्र सुमित बर्मन के नाम पर लाखों रुपये का लेनदेन दिखाया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस तरह शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह बताया जा रहा है कि जिस युवक के नाम पर वन श्रमिक मद की राशि का भुगतान दर्शाया गया, वह उस समय नाबालिग था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक नाबालिग से वन श्रमिक का कार्य कैसे कराया गया, और उसके नाम पर भुगतान किस आधार पर किया गया।
वहीं, वन परिक्षेत्र शाहपुर के कुछ कर्मचारियों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि मनोज दुबे द्वारा एक बीट में कराए गए कार्य के बिल-वाउचर किसी दूसरे बीट प्रभारी से हस्ताक्षर कराकर लगाए जाते हैं, ताकि वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा न हो सके। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह विभागीय कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि खबर के प्रकाशन के बाद सामान्य वन मंडल अधिकारी, डिंडोरी इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।
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