मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात : ज्ञान सिंह

*कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर उठाए सवाल*
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कार्यालय, जवाहर भवन सीधी में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह संगठन महासचिव ज्ञानेंद्र अग्निहोत्री एवं प्रवक्ता पंकज सिंह शामिल रहे।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने पर इसे लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर आघात बताते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। ज्ञान सिंह ने कहा कि यह मामला केवल एक प्रत्याशी के नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में जनता के विश्वास, चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन आपत्तियों और व्याख्याओं के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया गया, उससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता को लेकर गंभीर प्रश्न उत्पन्न हुए हैं।
*प्राइवेट कंप्लेंट और कानूनी व्याख्या को लेकर कांग्रेस की आपत्ति*
उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद डॉ. विवेक तन्खा सहित कांग्रेस नेतृत्व लगातार इस विषय को उठा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि जिस निजी परिवाद (प्राइवेट कंप्लेंट) का उल्लेख किया गया, उसमें मीनाक्षी नटराजन अभियुक्त नहीं बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्ज हैं, जबकि दोनों की कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है।
*धारा 33ए और फॉर्म-26 की भावना के विपरीत कार्रवाई का आरोप*
ज्ञान सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33ए एवं फॉर्म-26 का उद्देश्य उम्मीदवारों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी प्राप्त करना है, लेकिन नामांकन निरस्त करने का जो आधार बनाया गया, वह इन प्रावधानों की भावना और कानूनी व्याख्या से मेल नहीं खाता। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि भविष्य में भी अस्पष्ट या विवादित आधारों पर नामांकन निरस्त किए जाने लगे, तो इससे चुनावी प्रक्रिया में अनिश्चितता बढ़ेगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।
*लोकतंत्र में सभी को मिले समान अवसर*
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान की प्रक्रिया का नाम नहीं है, बल्कि सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को समान अवसर, निष्पक्ष व्यवहार और कानून के समक्ष समान संरक्षण उपलब्ध कराना भी इसकी मूल भावना है। विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को तकनीकी या विवादित आधारों पर चुनावी मैदान से बाहर करना लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा की भावना के विपरीत है।
*संविधान और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा*
ज्ञान सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा के लिए लगातार संघर्षरत रहेगी। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनावी प्रक्रियाओं का पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायसंगत होना आवश्यक है। उन्होंने कहा, लोकतंत्र केवल चुनाव से नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव से चलता है।
पत्रकार वार्ता के माध्यम से कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में सामने आई कथित विसंगतियों और कमियों को जनता के समक्ष रखते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।