स्व सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा, छात्रावासों व आवासीय विद्यालयों में स्थानीय उत्पादों की होगी खरीदी

सीधी, 09 जून 2026।
जिले में संचालित स्व सहायता समूहों की आजीविका को सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर विकास मिश्रा ने महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिले के सभी शासकीय आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में उपयोग होने वाली सामग्री, वस्तुओं और सेवाओं का क्रय नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय स्व सहायता समूहों से किया जाए।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों में गठित स्व सहायता समूह विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं का निर्माण कर रहे हैं। शासन की ‘वोकल फॉर लोकल’ नीति के अनुरूप इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा समूहों की विपणन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों की खरीदी से स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए एवं स्थायी अवसर विकसित होंगे। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
कलेक्टर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी शासकीय आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में आवश्यक सामग्री एवं सेवाओं का क्रय स्थानीय स्व सहायता समूहों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
यह पहल आत्मनिर्भरता, स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन तथा महिला आजीविका संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।