पानी की बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण, देवरा में फूटा गुस्सा: सड़क पर उतरी महिलाएं, मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

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जिला ब्यूरो मनोज कुमार यादव

डिंडोरी। जिले के देवरा गांव में पेयजल संकट को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने खाली बर्तन लेकर मुड़की रोड पर चक्काजाम कर दिया और “पानी दो, पानी दो” के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नलजल योजना का कार्य देख रहे ठेकेदार पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए।

 

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो से तीन दिन में एक बार ही पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। महिलाओं ने बताया कि पेयजल के लिए उन्हें दूर-दूर तक भटकना पड़ता है।

 

प्रदर्शन कर रही ग्रामीण महिला शकुंतला बाई ने बताया कि गांव में करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से नलजल योजना पर पिछले चार वर्षों से काम चल रहा है, लेकिन आज तक नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने जब ठेकेदार से समस्या के समाधान की बात की, तो उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया।

 

मामले की जानकारी मिलते ही जिले के दौरे पर पहुंचीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ग्रामीणों के बीच पहुंचीं और उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल गांव का निरीक्षण करने और ठेकेदार के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाने की संभावना पर भी चर्चा की गई।

 

मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लगातार गिरते जलस्तर के कारण कई क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा रहा है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीणों को जल्द राहत पहुंचाई जाए।

 

वहीं, नलजल योजना का कार्य देख रहे ठेकेदार सुरेंद्र ओझा ने अपने ऊपर लगे अभद्रता के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या के कारण पानी की टंकी पूरी तरह नहीं भर पा रही है। उपलब्ध पानी की ही सप्लाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ ग्रामीणों से इसी बात को लेकर बहस हुई थी, लेकिन किसी के साथ अभद्रता नहीं की गई।

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