प्रशासन की लापरवाही से भंदारगोंदी जलाशय खाली, बेजुबान जानवरों की जान जोखिम में

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संवाददाता- निलेश कलसकर जिला ब्युरो चिफ पांढुरना

 

पांढुरना: भंदारगोंदी जलाशय में पानी की भारी किल्लत और वन्यजीवों की बदहाली के लिए पूरी तरह से प्रशासन की उदासीनता जिम्मेदार है। अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पांढुरना को पूर्व में ही लिखित आवेदन के माध्यम से इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया गया था, परंतु प्रशासन की ओर से की गई अनदेखी ने आज स्थिति को बदतर बना दिया है।

अधिकारियों की विफलता का नतीजा

ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि प्रशासन ने समय रहते सिंचाई मोटरों पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। अधिकारियों की इसी कार्यप्रणाली के कारण जलाशय का पानी पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुँच गया है। आवेदन देने के बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके का मुआयना करना या संकट के समाधान के लिए कोई ठोस योजना बनाना जरूरी नहीं समझा।

पशुओं के प्रति संवेदनहीनता

क्षेत्र के पालतू और जंगली जानवरों के लिए पीने के पानी का संकट प्रशासन की इसी संवेदनहीनता की देन है। बांध में जो थोड़ा-बहुत पानी बचा है, उसे भी सरेआम मोटरों से खींचा जा रहा है, और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है। यदि भविष्य में पानी की कमी से किसी भी जानवर की जान जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

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