सीधी जिले में पंचायत भ्रष्टाचार का आरोप, आला अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका

सीधी (मध्य प्रदेश)
जिले की जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत भुमका में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने मिलकर शासकीय योजनाओं की राशि का दुरुपयोग किया, जबकि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों के अनुसार अरुण मिश्रा के कूप (कुआं) निर्माण के लिए स्वीकृत राशि सरपंच–सचिव द्वारा निकालकर हजम कर ली गई। वहीं गुलाब मिश्रा के डवरी निर्माण का भुगतान आज तक लंबित है, जिससे संबंधित हितग्राही परेशान हैं।
सड़क निर्माण को लेकर भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कहीं भी सड़क का अस्तित्व नजर नहीं आता, इसके बावजूद दो अस्वीकृत सड़कों की राशि सरपंच और सचिव द्वारा सीधे निकाल ली गई। बिना कार्य कराए भुगतान उठाने के आरोपों ने भ्रष्टाचार की आशंका को और मजबूत किया है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत जनपद पंचायत, जिला पंचायत, कलेक्टर सहित रीवा कमिश्नर स्तर तक की है, लेकिन अब तक न तो कोई जांच अधिकारी गांव पहुंचा और न ही किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई हुई। लगातार अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर चुप्पी यह संकेत देती है कि ग्राम पंचायत भुमका में हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार में आला अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और गबन की गई राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।