पांढुरना समाचार: किसान संघ का महामंथन; शक्ति पीठ में गूंजी अन्नदाताओं की आवाज, नई कार्यकारिणी का विस्तार

पांढुरना संवाददाता- निलेश कलसकर जिला ब्युरोचीफ
पांढुरना | स्थानीय गायत्री मंदिर शक्ति पीठ के पवित्र परिसर में आज भारतीय किसान संघ, जिला पांढुरना की एक विशाल मासिक बैठक संपन्न हुई। भक्तिमय और ओजस्वी वातावरण में आयोजित इस बैठक में जिले के कोने-कोने से किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजकुमार जायस्वाल ने की, जबकि संगठन के पालक एवं संरक्षक देविदास राऊत और तहसील अध्यक्ष प्रदीप खवसे की गरिमामयी उपस्थिति में किसानों के ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
संगठन का हुआ विस्तार: निलेश कलसकर बने जिला प्रचार प्रसार मंत्री
बैठक का मुख्य आकर्षण संगठन की नई नियुक्तियां रहीं। सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए निलेश कलसकर को जिला प्रचार प्रसार मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही, संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न ‘आयामों’ के प्रभारियों के नामों की घोषणा की गई। नई नियुक्तियों में ऊर्जा आयाम की कमान भगवानदास बरडे को दी गई, वहीं वन आयाम की जिम्मेदारी योगराज ठवले संभालेंगे। मंडी की समस्याओं हेतु चंद्रकांत कवडेती को मंडी आयाम, राजस्व मामलों के लिए विलास गुडधे, जल संरक्षण हेतु भगवान शेंडे और सहकारिता के क्षेत्र में विजय साबले को दायित्व सौंपा गया।
हर आयाम को मिले अनुभवी नेतृत्व
संगठन ने कृषि के हर क्षेत्र को मजबूती देने के लिए महरूलाल डोंगरे को जैविक आयाम, बाजीराव कालभूत को पशु आयाम, रुपेश कसलीकर को बीज आयाम, सुरेश घाटे को आध्यात्मिक आयाम तथा गणेश धारपूरे को पंचायत आयाम का प्रभारी मनोनीत किया है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह टीम जिले के किसानों के हक के लिए दिन-रात कार्य करेगी।
मुआवजे और मंडी अव्यवस्था पर प्रशासन को चेतावनी
बैठक के समापन पर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन को एक कड़ा ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि जिले में पाला, अतिवृष्टि और ‘लालिया’ जैसे रोगों से कपास, तुवर, टमाटर, मिर्च और धनिया की फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। संघ ने RBC 6-4 के तहत तत्काल सहायता राशि और प्रधानमंत्री फसल बीमा के भुगतान की मांग की है। साथ ही, पांढुरना कृषि मंडी में वर्षों से धूल खा रहे धर्मकांटा को तुरंत चालू करने और हम्माली-तुलाई की दरों को पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक करने का अल्टीमेटम दिया है।
मुख्यमंत्री से बड़ी मांग: विकास समिति में मिले स्थान
किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित पत्र में मांग की है कि नवगठित ‘जिला विकास समिति’ में भारतीय किसान संघ के कम से कम दो सदस्यों को नियुक्त किया जाए। संरक्षक देविदास राऊत ने कहा कि जब तक विकास की योजनाओं में किसानों का प्रतिनिधित्व नहीं होगा, तब तक अंतिम छोर के किसान की समस्या का समाधान संभव नहीं है। बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय किसान उपस्थित रहे, जिन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ के नारों से परिसर को गुंजायमान कर दिया।