पीएम आवास योजना (एएचपी) के गृह प्रवेश कार्यक्रम में नगर पंचायत डिंडोरी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप

0 278

खमोद चन्देल की रिपोर्ट

 

डिंडोरी।

प्रधानमंत्री आवास योजना (एएचपी) के अंतर्गत नगर पंचायत डिंडोरी में आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम माननीय केंद्रीय मंत्री श्री फगन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर तीखी नाराजगी देखने को मिली। शाहपुरा विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने मंच से ही अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए योजना में भारी अनियमितताओं की बात कही।

 

विधायक श्री धुर्वे ने कहा कि पीएम आवास योजना (एएचपी) के अंतर्गत 348 आवासों का निर्माण पिछले 10 वर्षों से चल रहा है, लेकिन अब तक केवल 98 हितग्राहियों को ही आवास उपलब्ध कराए जा सके हैं। उन्होंने इसे योजना में फैले भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय में कई कलेक्टर और अधिकारी बदले, लेकिन हालात जस के तस बने रहे और यह महत्वाकांक्षी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती चली गई।

 

विधायक ने आरोप लगाया कि जिन भूमिहीन और पात्र गरीब हितग्राहियों को आवास मिलना था, उन्हें वंचित कर दिया गया, जबकि लगभग 30 ऐसे हितग्राहियों को आवास प्रदान कर दिए गए जो आर्थिक रूप से सक्षम और बड़े वर्ग से आते हैं। इससे वास्तविक जरूरतमंदों के साथ अन्याय हुआ है।

 

इसके साथ ही विधायक श्री धुर्वे ने नगर पंचायत पर आर्थिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में 14 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कराया गया, लेकिन उसके ऋण का ब्याज नगर पंचायत को चुकाना पड़ रहा है। इससे नगर पंचायत की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

 

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक श्री ओमकार ने भी नगर पंचायत की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। उन्होंने नगर क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि सफाई कार्य केवल अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के निवास स्थानों के आसपास ही सीमित है, जबकि गरीब और वंचित बस्तियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है।

उन्होंने मांग की कि गरीब बस्तियों में भी नियमित और प्रभावी साफ-सफाई कराई जाए, ताकि सभी नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

 

गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान उठे इन गंभीर सवालों और आरोपों से नगर पंचायत डिंडोरी की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद गरीबों तक पहुंच सके।

Web TV

अगली ख़बर

Leave a comment